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Jharkhand: बड़ा पूजा का है विशेष महत्व, मां काली के दर्शन को दूसरे राज्य और विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु
Mon, 26 May 2025 06:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 26 May 2025 06:59 PM IST
सार
Bada Puja Ranchi: डोरंडा निवासी विकास रंजन ने बताया कि मां काली से प्रार्थना करने के बाद ही उनकी नौकरी जापान के टोक्यो में एक बड़ी कंपनी में हो गई, जिसके बाद से हर बड़ा पूजा में वे छुट्टी लेकर खास तौर पर रांची आते हैं ताकि बड़ा पूजा में भाग ले सकें।
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मां मनोकामना काली मंदिर में आस्था के साथ मनाई जा रही बड़ा पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मां काली के प्रति अटूट आस्था का उदाहरण राजधानी रांची स्थित मनीटोला मां मनोकामना काली मंदिर में देखने को मिला। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय बड़ा पूजा का आयोजन किया गया है। सोमवार को दूसरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तीन बजे से ही लोगों ने कतारबद्ध होकर मां का दर्शन किए। लेकिन खास बात यह रही कि झारखंड से बाहर पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे थे। यहां तक कि विदेशों से भी लोग छुटी लेकर बड़ा पूजा में भाग लेने के लिए आए हुए हैं।
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जापान के टोक्यो से हर वर्ष आते हैं विकास रंजन
मां काली मनोकामना मंदिर में आयोजित होने वाली बड़ा पूजा लोगों के बीच आस्था का केंद्र है। डोरंडा निवासी विकास रंजन ने बताया कि मां काली से प्रार्थना करने के बाद ही उनकी नौकरी जापान के टोक्यो में एक बड़ी कंपनी में हो गई, जिसके बाद से हर बड़ा पूजा में वे छुट्टी लेकर खास तौर पर रांची आते हैं ताकि बड़ा पूजा में भाग ले सकें।
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पश्चिम बंगाल से रूमा गांगुली और उनका परिवार हुआ शामिल
पश्चिम बंगाल की रहने वाली रूमा गांगुली ने बताया कि पिछले 28 सालों से वे अपने पति अभिजीत गांगुली के साथ बड़ा पूजा में शामिल होने के लिए राजधानी रांची पहुंचती हैं। रूमा उन दिनों को याद करते हुए भावुक हो गईं जब उनका परिवार विकट परिस्थितियों में से गुजर रहा था। उनका कहना है कि मां के चौखट पर जो भी आता है, वह खाली नहीं जाता है। एक समय उनका परिवार काफी समस्या से गुजरा, लेकिन अब सब कुछ सही है।
अजय नाथ शाहदेव ने लगाई मां के दरबार में अर्जी
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने भी बड़ा पूजा के दौरान मां काली के दरबार में अर्जी लगाई। उन्होंने कहा कि मां के दरबार में आकर सुकून मिलता है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी मां के आशीर्वाद से मिली है। अब मां से यही मनोकामना रहेगी कि राज्य के समस्त खिलाड़ियों का विकास हो सके और हमें इतनी शक्ति दें कि राज्य के युवाओं को एक बेहतर भविष्य देने में अहम भूमिका निभा सकूं।
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‘एक लाख लोगों के लिए होता है विशेष महाभोग का निर्माण’
बड़ा पूजा के आयोजन में मां काली को अर्पित महा भोग की भी एक विशेष अहमियत है। जयंत राय ने बताया कि पिछले कई वर्षों से भोग निर्माण में सहयोग कर रहा हूं। यहां हर भक्त भोग ग्रहण करके जाए, यह प्राथमिकता रहती है। सुबह 10 बजे से रात के 10 बजे तक भोग का वितरण किया जाता है। यहां लगभग एक लाख लोगों के लिए भोग का निर्माण किया जाता है, जिसमें करीब 250 कारीगर भोग के निर्माण में जुटते हैं।