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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   terrorists using water ways for terror attack

जानें, आखिर क्यों हर बार पानी के रास्ते आकर हमला रहे हैं आतंकवादी?

Tue, 11 Oct 2016 04:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 11 Oct 2016 04:30 PM IST
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terrorists using water ways for terror attack
POMPORE - फोटो : ANI
श्रीनगर से 11 किमी दूर पंपोर में आतंकवादियों ने सेमपोरा स्थित जम्मू कश्मीर एन्टरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट इन्स्टीट्यूट (जेकेईडीआई) के मुख्यालय परिसर की एक इमारत पर हमला किया है। जानकारी के मुताबिक सुबह 6 बजे हुए हमले में आतंकियों ने पहले ग्रेनेड से हमला किया जिसके बाद लगातार बिल्डिंग में फायरिंग की आवाजें सुनी गई है ।
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आतंकियों नें जिस इमारत को निशाना बनाया है वो जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे के पास स्थित है। आतंकियों के एक बार फिर झेलम नदी के रास्ते हमले की जगह तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बारामुला और उड़ी के हमलों की तरह इस बार भी आतंकी नदी के सहारे या तो तैर कर या किसी नाव से यहां तक पहुंचे हैं।
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हमले के बाद से ही पूरे इलाके में सेना का सघन तलाशी अभियान जारी है। सेना के जवानों को शक है कि आसपास की अन्य इमारतों में भी आतंकी छिपे हो सकते हैं जिसके चलते एहतियातन हमले की जगह से 5 किमी के पूरे इलाके को सील करके एक एक घर की तलाशी ली जा रही है। 
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तैरने की स्पेशल ट्रेनिंग लिए हो सकते हैं आतंकी

terrorists using water ways for terror attack
विदेशी ट्रेनरों से तैरने की ट्रेनिंग - फोटो : Demo Pic.
पिछले दिनों बारामुला में भी रात के समय हुए हमलों के दौरान आतंकियों के नदी के रास्ते आने की बात सामने आई थी । ये बात सामने आई है कि आतंकी एलओसी के बजाय घुसपैठ के लिए अब पानी के रास्ते को चुनने लगे हैं । सूत्रों के मुताबिक सीमा पर सेना की चौकसी के चलते आतंकियों की घुसपैठ लगातार नाकाम हो रही है ।

इसके विकल्प के तौर पर अब आतंकी नदियों के रास्ते घुसपैठ करके हमले की जगह पर पहुंच रहे हैं । पिछले दिनों आई खबरों के मुताबिक सीमा पार के ट्रेनिंग कैंपों में आतंकियों को तैरने की ट्रेनिंग के लिए विदेशी ट्रेनर लाए गए हैं जिनसे तैरने की स्पेशल ट्रेनिंग लिए आतंकी घंटो तक गहरे पानी के भीतर घात लगाकर रह सकते हैं । 

दरअसल ये शक इसलिए और भी गहरा जाता है क्योंकि बारामुला, उड़ी और पंपोर में जिन जिन जगहों पर आतंकियों ने हमला किया है वो सभी नदियों के आसपास ही हैं । आतंकियों ने हर हमले में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश की है । 

लश्कर ने घाटी में हमले के लिए बदली है रणनीति

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आतंकी ट्रेनिंग - फोटो : File Photo

इसके अलावा उड़ी के हमले से लेकर नौगाम तक के हर आतंकी हमले में पाकिस्तान में बने सामान बरामद हुए हैं जिससे ये शक गहरा जाता है कि इन आतंकियों को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग मिली हो सकती है । उड़ी के हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान ने सरहद के पास चल रहे अपने आतंकी कैंपों को शिफ्ट किया है । 

कुछ दिन पहले आई खबरों में इस बात का भी खुलासा हुआ था कि आतंकी संगठन लश्कर ने कश्मीर घाटी में हमले के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है । कश्मीर घाटी में लश्कर-ए तैयबा ने अब हमले का तरीका बदल दिया है। पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं और सैन्य शिविरों की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल के बाद हमले करते हैं। 

सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक उड़ी हमले के फिदायीन हमलावरों ने ताजा घुसपैठ की थी लेकिन बाद में बारामुला और फिर लंगेट के सैन्य कैंप पर हमला करने वाले आतंकियों के बारे में हमले से कम से कम तीन दिन पहले घुसपैठ की हो सकती है । 

भारतीय सेना के जवानों की तरह जीरो कट बाल रखते आतंकी

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आतंकी - फोटो : demo

इसके अलावा लश्कर के आतंकी अब भारतीय सेना के जवानों की तरह दिखने के लिए जीरो कट बाल रखते हैं। सेना की वर्दी का इस्तेमाल पहले भी आतंकी करते रहे हैं लेकिन अब बदली रणनीति में आतंकियों की नई खेप फर्राटे से हिंदी और अंग्रेजी बोलने वाली होती है।

पीओके और पाकिस्तानी आतंकी पहले हिंदी और अंग्रेजी ठीक से नहीं बोल पाने के कारण पकड़ में आ जाते थे। आतंकियों की यह नई खेप 19 से 25 वर्ष के उम्र की है। जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक में सबसे अधिक लश्कर -ए तैयबा के कैंपों को ही नुकसान हुआ था।

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