घाटी में फिर से सक्रिय हुए कई दिनों से खामोश रहे आतंकी
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सुरक्षाबल भी इन आतंकियों को कड़ा जवाब दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार आतंकी आगे भी हमला करने की पूरी तैयारी में हैं। घाटी में लश्कर-ए-तैयबा व हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सबसे अधिक सक्रिय हैं। सीमा पार से भी आतंकवादी घुसपैठ करने की तैयारी में हैं।
जम्मू कश्मीर के उड़ी क्षेत्र में सितंबर महीने में हुए आतंकी हमले के बाद भी घाटी में हिंसा नहीं थमी है। घाटी में पहले से मौजूद आतंकी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लगातार हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान में आतंकी लाचिंग पैड के शिफ्ट होने के बाद भी आतंकी घाटी में वारदातें कर रहे हैं।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कुछ दिन शांत रहे आतंकी
जवानों के लिए अब चुनौती बने आतंकी नए तरीकों से हमला कर रहे हैं। उड़ी में सेना के 19 जवानों की शहादत के बाद पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक हुई। इस स्ट्राइक के बाद आतंकी हमलों की सिलसिला कुछ दिनों के लिए थम गया।
अक्तूबर शुरू होते ही आतंकियों ने फिर से अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी। उन्होंने सुरक्षाबलों पर हमला करने के साथ ही आम जनता को भी निशाना बनाया है। पंपोर की एक इमारत में छुपे आतंकियों से तीन दिन तक मुठभेड़ हुई। कानवाई पर ग्रेेनेड हमला किया गया।
अक्टूबर में कश्मीर में लगातार हुए कई आतंकी हमले
इसके बाद 11 अक्तूबर को सीआरपीएफ के कानवाई पर आतंकियों ने हमला किया । इस हमले में 12 जवान घायल हो गए । इस हमले के एक रोज बाद 12 अक्तूबर को पंपोर में EDI की इमारत पर आतंकियों ने हमला किया । हमले के बाद 57 घंटे के आपरेशन में दो आतंकी ढेर किये गए थे ।