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J&K: बाढ़ की आढ़ में घुसपैठ कर सकते हैं आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां चौकस
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 31 Jul 2016 12:31 AM IST
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सेना
- फोटो : PTI
स्वतंत्रता दिवस के नजदीक आते ही सीमा पर हलचल तेज हो गई। कई जगहों पर आतंकी संगठनों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। खराब मौसम को लेकर आतंकी संगठन सक्रिय हो गए हैं।
पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद फिर से आने वाले दिनों में तेज बारिश के अनुमान के बीच बाढ़ की आढ़ में आतंकी संगठन घुसपैठ कर सकते हैं। इसे लेकर सीमा पर अलर्ट कर दिया है। इंटरनेशनल बार्डर और एलओसी पर बीएसएफ और सेना ने कड़ी चौकसी कर दी है।
दरअसल, बाढ़ की स्थिति में बीएसएफ को भी दिक्कत पेश आती हैं। काफी जगहों पर पानी के तेज बहाव में फेंसिंग को नुकसान पहुंचता है। कई मोर्चेे और पोस्टें भी इससे प्रभावित होती हैं। इन सबको दुरुस्त करने के लिए बीएसएफ को काफी काम करना पड़ता है। ऐसे में इस व्यस्तता का लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ की प्लानिंग कर रहे हैं, ताकि कहीं पर बाड़ टूट जाए और वे घुसपैठ करें।
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खराब मौसम में तकनीकी ढांचा भी काम करना बंद कर देता है। उल्लेखनीय है कि सांबा, कठुआ और जम्मू के कई सेक्टर बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इसके अलावा अलावा पुंछ जिले में भी एलओसी बारिश से काफी प्रभावित होती है। पुंछ के कई नदी-नाले भारत से होकर पीओके में जाते हैं। जो एलओसी के बीचोंबीच हैं।
वर्ष 2014 में आई बाढ़ की वजह से भी एलओसी और बार्डर पर बीएसएफ और सेना को काफी नुकसान हुआ था। हालांकि बीएसएफ की ओर से बाढ़ पर पूरी नजर है और ऐसे किसी भी स्थिति से वह निपटने को तैयार है।
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पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद फिर से आने वाले दिनों में तेज बारिश के अनुमान के बीच बाढ़ की आढ़ में आतंकी संगठन घुसपैठ कर सकते हैं। इसे लेकर सीमा पर अलर्ट कर दिया है। इंटरनेशनल बार्डर और एलओसी पर बीएसएफ और सेना ने कड़ी चौकसी कर दी है।
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दरअसल, बाढ़ की स्थिति में बीएसएफ को भी दिक्कत पेश आती हैं। काफी जगहों पर पानी के तेज बहाव में फेंसिंग को नुकसान पहुंचता है। कई मोर्चेे और पोस्टें भी इससे प्रभावित होती हैं। इन सबको दुरुस्त करने के लिए बीएसएफ को काफी काम करना पड़ता है। ऐसे में इस व्यस्तता का लाभ उठाकर आतंकी घुसपैठ की प्लानिंग कर रहे हैं, ताकि कहीं पर बाड़ टूट जाए और वे घुसपैठ करें।
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खराब मौसम में तकनीकी ढांचा भी काम करना बंद कर देता है। उल्लेखनीय है कि सांबा, कठुआ और जम्मू के कई सेक्टर बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इसके अलावा अलावा पुंछ जिले में भी एलओसी बारिश से काफी प्रभावित होती है। पुंछ के कई नदी-नाले भारत से होकर पीओके में जाते हैं। जो एलओसी के बीचोंबीच हैं।
वर्ष 2014 में आई बाढ़ की वजह से भी एलओसी और बार्डर पर बीएसएफ और सेना को काफी नुकसान हुआ था। हालांकि बीएसएफ की ओर से बाढ़ पर पूरी नजर है और ऐसे किसी भी स्थिति से वह निपटने को तैयार है।