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#GandhiJayanti यहां अपनी ही आजादी के किसी सत्याग्रह के इंतजार में हैं बापू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 02 Oct 2016 05:56 PM IST
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Mahatma Gandhi
- फोटो : File Photo
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देश को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ऐतिहासिक मुबारक मंडी में वर्षों तक शान से स्थापित रही प्रतिमा (आवक्ष मूर्ति) को पुरातत्व विभाग के स्टोर से रिहाई का बेसब्री से इंतजार है।
अफसोस यह है कि मुबारक मंडी हेरिटेज की कार्यान्वयन समिति की करीब ढाई साल से बैठक न हो पाने की वजह से प्रतिमा को स्टोर से निकालकर दोबारा स्थापित करने पर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया। मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी के पूर्व वाइस चेयरमैन एवं वर्तमान में गवर्निंग बॉडी के सदस्य ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क का कहना है कि ऐतिहासिक मुबारक मंडी के दरबार-ए-आम में जहां राष्ट्रपिता की आवक्ष मूर्ति स्थापित की गई थी, वह स्थान ऐतिहासिक रूप से भी बड़ा महत्त्व रखता है।
दरबार-ए-आम में महाराजा हरि सिंह का राज तिलक हुआ था और यहीं वह अपनी प्रजा की समस्याएं सुनते थे और उनका हल करते थे।
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अफसोस यह है कि मुबारक मंडी हेरिटेज की कार्यान्वयन समिति की करीब ढाई साल से बैठक न हो पाने की वजह से प्रतिमा को स्टोर से निकालकर दोबारा स्थापित करने पर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया। मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी के पूर्व वाइस चेयरमैन एवं वर्तमान में गवर्निंग बॉडी के सदस्य ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क का कहना है कि ऐतिहासिक मुबारक मंडी के दरबार-ए-आम में जहां राष्ट्रपिता की आवक्ष मूर्ति स्थापित की गई थी, वह स्थान ऐतिहासिक रूप से भी बड़ा महत्त्व रखता है।
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दरबार-ए-आम में महाराजा हरि सिंह का राज तिलक हुआ था और यहीं वह अपनी प्रजा की समस्याएं सुनते थे और उनका हल करते थे।
जेसीबी से तोड़वा दिया आवक्ष मूर्ति के लिए बनाया स्थान
महात्मा गांधी
- फोटो : अमर उजाला
गांधी जी की मूर्ति यहां स्थापित होने के बाद इस स्थान का महत्त्व और भी बढ़ गया। गांधी जयंती पर जम्मू में मुख्य समारोह यहीं होता था। दुर्भाग्य की बात है कि स्वार्थी सियासी लोगों और अफसरशाहों ने जेसीबी चलाकर आवक्ष मूर्ति के लिए बनाया स्थान तुड़वा दिया।
हेरिटेज स्थल पर जहां हथोड़ा भी नहीं चलाया जा सकता, वहां जेसीबी चलाई गई। मूर्ति को विभाग के स्टोर में रखवा दिया गया। यह मामला भ्रष्टाचार से भी जुड़ा है। जिन लोगों ने यह सब किया उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने चाहिएं।
उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से अपील की है कि बापू की मूर्ति के स्थान को तोड़ने की उच्च स्तरीय जांच हो और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
हेरिटेज स्थल पर जहां हथोड़ा भी नहीं चलाया जा सकता, वहां जेसीबी चलाई गई। मूर्ति को विभाग के स्टोर में रखवा दिया गया। यह मामला भ्रष्टाचार से भी जुड़ा है। जिन लोगों ने यह सब किया उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने चाहिएं।
उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से अपील की है कि बापू की मूर्ति के स्थान को तोड़ने की उच्च स्तरीय जांच हो और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
कार्यान्वयन समिति की बैठक न होने से रूका है फैसला
महात्मा गांधी
- फोटो : File Photo
रियासत की संस्कृति राज्य मंत्री एवं मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी की वाइस चेयरमैन प्रिया सेठी का कहना है कि मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी की कार्यान्वयन समिति की पिछले ढाई साल से बैठक न होने की वजह से राष्ट्रपिता की मूर्ति को स्थापित करने पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।
उनका कहना है कि गवर्निंग कमेटी की बैठक हाल ही में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ली है और वह कोशिश करेगी कि कार्यान्वयन समिति की बैठक भी जल्द हो। गांधी जी की मूर्ति को स्थापित करने का फैसला जन आकांक्षाओं के अनुसार बेहतर योजनाबद्ध तरीके से लिया जाएगा।
उनका कहना है कि गवर्निंग कमेटी की बैठक हाल ही में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ली है और वह कोशिश करेगी कि कार्यान्वयन समिति की बैठक भी जल्द हो। गांधी जी की मूर्ति को स्थापित करने का फैसला जन आकांक्षाओं के अनुसार बेहतर योजनाबद्ध तरीके से लिया जाएगा।