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सोशल नेटवर्किंग साइटों की वजह से टूट रहे सात जन्मों के रिश्ते
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 31 Aug 2016 06:15 PM IST
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विवाहेत्तर संबंध विवाहित जीवन में तनाव पैदा कर रहे हैं। इसकी कई वजह सामने आ रही हैं। इसमें सोशल नेटवर्क मुख्य रूप से शामिल है।
इसकी वजह से महिलाएं हिंसा की शिकार भी हो रही हैं। घरेलू कलह सामने आ रही है। राज्य महिला आयोग के आंकड़े बताते हैं कि जम्मू पर यह कितना हावी हो रहा है। रही कसर शराब से निकाल रही है। आयोग के पास कश्मीर संभाग की तुलना में अधिक मामले आ रहे हैं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर ने बताया कि पिछले एक माह में आयोग के पास जम्मू संभाग से करीब 80 मामले घरेलू हिंसा के आए हैं।
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इसकी वजह से महिलाएं हिंसा की शिकार भी हो रही हैं। घरेलू कलह सामने आ रही है। राज्य महिला आयोग के आंकड़े बताते हैं कि जम्मू पर यह कितना हावी हो रहा है। रही कसर शराब से निकाल रही है। आयोग के पास कश्मीर संभाग की तुलना में अधिक मामले आ रहे हैं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर ने बताया कि पिछले एक माह में आयोग के पास जम्मू संभाग से करीब 80 मामले घरेलू हिंसा के आए हैं।
घरेलू हिंसा के मामले में पांच गुना बढ़ोत्तरी
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- फोटो : getty
इसमें एक दर्जन से अधिक मामले विवाहेत्तर संबंध के हैं। इनमें कुछ मामले ऐसे हैं, जिसमें पति ने पत्नी को सोशल नेटवर्क पर किसी और शख्स से जुड़ा पाया। इसके बाद उसने अपनी बीवी से मारपीट शुरू कर दी। सरकारी एवं निजी कार्यालयों में काम करने वाली लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले सामने आए हैं।
जम्मू में पहले एक महीने के दौरान घरेलू हिंसा के 15 से 20 मामले ही सामने आते थे। अब तो हर रोज तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं। जम्मू संभाग में इस तरह के मामले बढ़ने से आयोग चिंतित है, क्योंकि घरेलू हिंसा किसी भी वजह से हो, उससे महिलाओं की दिक्कत बढ़ती है।
पहले कश्मीर संभाग से अधिक मामले घरेलू हिंसा के सामने आते थे। आयोग इसे लेकर विशेष अभियान चलाएगा, ताकि इन मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
जम्मू में पहले एक महीने के दौरान घरेलू हिंसा के 15 से 20 मामले ही सामने आते थे। अब तो हर रोज तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं। जम्मू संभाग में इस तरह के मामले बढ़ने से आयोग चिंतित है, क्योंकि घरेलू हिंसा किसी भी वजह से हो, उससे महिलाओं की दिक्कत बढ़ती है।
पहले कश्मीर संभाग से अधिक मामले घरेलू हिंसा के सामने आते थे। आयोग इसे लेकर विशेष अभियान चलाएगा, ताकि इन मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।