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घाटी में हालात हो रहे हैं सामान्य, पुलिस ने 77 उपद्रवियों को किया गिरफ्तार
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 06 Oct 2016 09:59 PM IST
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घाटी में रौनक
- फोटो : Amar Ujala
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घाटी में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। वीरवार को पत्थरबाजी की एक भी घटना सामने नहीं आई। अलगाववादियों के फरमान को दरकिनार करते हुए लाल चौक, टीआरसी चौक, बटमालू तथा आस पास के इलाकों में दुकानें खुलीं। रेहड़ी और पटरी वालों ने भी कारोबार किया। पिछले 24 घंटे में पुलिस ने 77 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
घाटी के ज्यादातर इलाकों में स्कूल खुल गए हैं। शिक्षक उपस्थित होकर अध्यापन कार्य में जुटे हुए हैं। छात्रों की उपस्थिति भी लगातार बढ़ रही है। वीरवार को कई इलाकों में सड़कों पर वाहन रोज की अपेक्षा अधिक दिखे। निजी वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक वाहन भी सड़क पर निकले।
सरकारी कार्यालयों तथा बैंकों में भी उपस्थिति बढ़ी है। पूरी घाटी में कहीं भी पाबंदियां नहीं रही। उधर, अलगाववादियों ने अनंतनाग, बारामुला तथा श्रीनगर में मार्च का आह्वान किया था, लेकिन इसे देखते हुए कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी।
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सुरक्षा व्यवस्था जरूर कड़ी रही। शुक्रवार को अलगाववादियों के यूएन चलो मार्च के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कुछ इलाकों में पाबंदियां भी लगाई जा सकती हैं।
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घाटी के ज्यादातर इलाकों में स्कूल खुल गए हैं। शिक्षक उपस्थित होकर अध्यापन कार्य में जुटे हुए हैं। छात्रों की उपस्थिति भी लगातार बढ़ रही है। वीरवार को कई इलाकों में सड़कों पर वाहन रोज की अपेक्षा अधिक दिखे। निजी वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक वाहन भी सड़क पर निकले।
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सरकारी कार्यालयों तथा बैंकों में भी उपस्थिति बढ़ी है। पूरी घाटी में कहीं भी पाबंदियां नहीं रही। उधर, अलगाववादियों ने अनंतनाग, बारामुला तथा श्रीनगर में मार्च का आह्वान किया था, लेकिन इसे देखते हुए कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी।
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सुरक्षा व्यवस्था जरूर कड़ी रही। शुक्रवार को अलगाववादियों के यूएन चलो मार्च के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कुछ इलाकों में पाबंदियां भी लगाई जा सकती हैं।
हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के खिलाफ प्रदर्शन
सैयद अली शाह गिलानी
- फोटो : Amar Ujala
लाल चौक तथा आस-पास के इलाकों के ट्रांसपोर्टरों ने हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के खिलाफ प्रेस कालोनी में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि हिंसा की सबसे अधिक मार ट्रांसपोर्टरों पर पड़ी है। वे भूखे रहने को मजबूर हो गए हैं। दुकानें खुल रहीं हैं तथा आटो रिक्शा भी चल रहे हैं, लेकिन उनका धंधा चौपट पड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी था । बीते कुछ दिनों से घाटी में हालात सामान्य होने के साथ जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है । कश्मीर घाटी के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है साथ ही बाजारों में भी आमजन की भीड़ बढ़ती दिख रही है ।
गौरतलब है कि हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना से मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी था । बीते कुछ दिनों से घाटी में हालात सामान्य होने के साथ जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है । कश्मीर घाटी के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है साथ ही बाजारों में भी आमजन की भीड़ बढ़ती दिख रही है ।