फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   session of jammu kashmir assembly postponed due to unrest in valley

घाटी में हिंसा की वजह से टला जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सत्र

Wed, 28 Sep 2016 04:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 28 Sep 2016 04:01 PM IST
विज्ञापन
session of jammu kashmir assembly postponed due to unrest in valley
व‌िधानसभा की कार्रवाई के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala

कश्मीर हिंसा की वजह से विधानसभा का मानसून सत्र अब दिसंबर में संभव है। संवैधानिक मजबूरी के चलते बजट सत्र से पहले दिसंबर महीने में संक्षिप्त सत्र बुलाए जाने पर विचार चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने बताया कि छह महीने में संवैधानिक सत्र बुलाए जाने की मजबूरी है। इस वजह से दिसंबर में संक्षिप्त सत्र बुलाया जाएगा। 

विज्ञापन



पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन की वजह से बजट सत्र नहीं हो पाया था। बाद में महबूबा सरकार बनने पर श्रीनगर में बजट सत्र हुआ जो दो जुलाई को समाप्त हुआ। आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद आठ जुलाई से घाटी में हिंसा जारी है। इस वजह से मानसून सत्र नहीं बुलाया जा सका।
विज्ञापन


विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि संवैधानिक बाध्यता है कि दो सत्रों के बीच छह महीने का समय अधिक हो जाने पर राज्यपाल शासन का खतरा रहता है। इस वजह से बजट सत्र से पहले दिसंबर में सत्र बुलाए जाने की मजबूरी है। इसके लिए राज्य सरकार से बात की जाएगी और संवैधानिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

मुफ्ती के निधन पर भी थी यही स्थिति

session of jammu kashmir assembly postponed due to unrest in valley
घाटी में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : PTI

इस संक्षिप्त सत्र के बाद बजट सत्र अलग से बुलाया जाएगा। बजट सत्र कुछ लंबा हो सकता है, क्योंकि मानसून सत्र न चलने की वजह से बहुत से सरकारी काम तथा विधायकों के सवाल लंबित रह गए हैं। इस व्यवस्था को सुचारु करना होगा। 

मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद भी यही स्थिति उत्पन्न हुई थी। मानसून सत्र के बाद बजट सत्र से पहले उनका निधन हो गया था। ऐसे में दो सत्रों के बीच छह महीने का अंतराल होने और नई सरकार के गठन में देर होने की स्थिति में राज्यपाल शासन लगाना पड़ा था। 
 

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में बीती 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसा भड़क गई थी । इन हिंसक प्रदर्शनों में सैकड़ो लोग घायल हुए थे । 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed