{"_id":"5743f5cf4f1c1b3b2d6907c7","slug":"seeking-a-review-of-the-travel-advisory","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिप्टी सीएम ने J&K के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिप्टी सीएम ने J&K के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा पर दिया जोर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Tue, 24 May 2016 12:04 PM IST
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर से मुलाकात की
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डा. एलेक्जेंडर इवांस से मुलाकात में ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा करने पर जोर दिया। डा. निर्मल सिंह ने कहा जम्मू कश्मीर के लिए जारी की जाने वाली ट्रैवल एडवाइजरी स्थानीय हालात से मेल नहीं खातीं। इनकी समीक्षा की जानी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा विदेशी पर्यटक जम्मू कश्मीर आ सकें।
उन्होंने कहा विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की जाए तो इसमें व्यापक स्तर पर वृद्धि मुमकिन होगी। इससे जम्मू कश्मीर में विकास और राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आएगा।
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने भी जम्मू कश्मीर को लेकर जारी की जा रहीं प्रतिकूल ट्रैवल एडवाइजरी हटाने की मांग की। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डा. एलेक्जेंडर इवांस से श्रीनगर में मुलाकात के दौरान डा. फारूक ने इस मांग पर जोर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर के हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से हालात में सुधार हुआ है उसके अनुरूप विश्व स्तर पर प्रकृति प्रेमियों के माइंडसेट में बदलाव नहीं आया है। जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात पर्यटन विकास की मांग करते हैं।
हालांकि विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई लेकिन इसे और बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार को कूटनीतिक अभियानों और उच्चायोग स्तर पर सहमति का माहौल बनाना होगा। अभी भी कई ट्रैवल एडवाइजरी जम्मू कश्मीर के हालात के अनुरूप नहीं है जिन्हें बिना देरी किए हटाने की जरूरत है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की जाए तो इसमें व्यापक स्तर पर वृद्धि मुमकिन होगी। इससे जम्मू कश्मीर में विकास और राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आएगा।
विज्ञापन
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने भी जम्मू कश्मीर को लेकर जारी की जा रहीं प्रतिकूल ट्रैवल एडवाइजरी हटाने की मांग की। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर डा. एलेक्जेंडर इवांस से श्रीनगर में मुलाकात के दौरान डा. फारूक ने इस मांग पर जोर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर के हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से हालात में सुधार हुआ है उसके अनुरूप विश्व स्तर पर प्रकृति प्रेमियों के माइंडसेट में बदलाव नहीं आया है। जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात पर्यटन विकास की मांग करते हैं।
हालांकि विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई लेकिन इसे और बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार को कूटनीतिक अभियानों और उच्चायोग स्तर पर सहमति का माहौल बनाना होगा। अभी भी कई ट्रैवल एडवाइजरी जम्मू कश्मीर के हालात के अनुरूप नहीं है जिन्हें बिना देरी किए हटाने की जरूरत है।