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राजनाथ की पाक को दो टूक, कश्मीर के हालात सुधारने के लिए तीसरी ताकत की जरूरत नहीं
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:25 AM IST
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राजनाथ सिंह
- फोटो : PTI
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कश्मीर के हालात सुधारने के लिए किसी तीसरी ताकत की जरूरत नहीं है। यह भारत का आतंरिक मामला है। यदि कोई मतभेद है तो उसे मिल बैठकर तथा बातचीत से सुलझाया जाएगा।
रियासत में शांति तथा सामान्य हालात बहाल होने के बाद केंद्र सरकार जिस किसी की भी जरूरत होगी उससे बातचीत करेगी। भारत आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। पाक की हरकतों को नापाक बताते हुए कड़ा संदेश दिया कि वह आतंकवाद पर दोहरी नीति बंद करे।
चेताया कि पाकिस्तान भारत के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करे। कश्मीर में आतंक को बढ़ावा न दे। पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है। उसे भारत में इसे बढ़ावा देने से बाज आना चाहिए। पड़ोसी देश को कश्मीर के प्रति अपने व्यवहार और अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।
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दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन रविवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना है। भारत सरकार कश्मीर के साथ जरूरतों के संबंध नहीं बनाना चाहती है बल्कि जज्बाती संबंध बनाना चाहती है।
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रियासत में शांति तथा सामान्य हालात बहाल होने के बाद केंद्र सरकार जिस किसी की भी जरूरत होगी उससे बातचीत करेगी। भारत आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। पाक की हरकतों को नापाक बताते हुए कड़ा संदेश दिया कि वह आतंकवाद पर दोहरी नीति बंद करे।
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चेताया कि पाकिस्तान भारत के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करे। कश्मीर में आतंक को बढ़ावा न दे। पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है। उसे भारत में इसे बढ़ावा देने से बाज आना चाहिए। पड़ोसी देश को कश्मीर के प्रति अपने व्यवहार और अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।
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दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन रविवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना है। भारत सरकार कश्मीर के साथ जरूरतों के संबंध नहीं बनाना चाहती है बल्कि जज्बाती संबंध बनाना चाहती है।
गैर जानलेवा हथियार के प्रयोग के लिए बनाई जाएगी समिति
राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ गृहमंत्री राजनाथ
- फोटो : Amar Ujala
युवाओं से पत्थरबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों को पेलेट गन के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है। गैर जानलेवा हथियार के प्रयोग के लिए समिति बनाई जाएगी। उन्होंने पेलेट गन से घायल हुए लोगों के इलाज का भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि किसी को जरूरत होगी तो उसका दिल्ली के एम्स में इलाज कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जाएगा।
राजनाथ ने घाटी में हालात को सामान्य बनाने और शांति स्थापित करने में सभी से सहयोग की अपील की। कहा कि कश्मीर के हालात पर प्रधानमंत्री से भी चर्चा की जाएगी। समस्या के हल में थोड़ा समय लग सकता है।
कहा कि सुरक्षा बलों ने कश्मीर हिंसा में पूरा संयम बरता है। यही वजह है कि 2228 पुलिसकर्मी और 1100 सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं। हिंसा में 2259 नागरिक भी घायल हुए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत किसी भी सूरत में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पाकिस्तान पर हमले करते हुए कहा कि आप खुद आतंकवाद से प्रभावित हैं। आप लाल मस्जिद में घुसकर आतंकियों को मारते हैं और हमारे यहां के युवाओं को हथियार उठाने के लिए कहते हैं। यह बर्दाश्त नहीं है।
राजनाथ ने घाटी में हालात को सामान्य बनाने और शांति स्थापित करने में सभी से सहयोग की अपील की। कहा कि कश्मीर के हालात पर प्रधानमंत्री से भी चर्चा की जाएगी। समस्या के हल में थोड़ा समय लग सकता है।
कहा कि सुरक्षा बलों ने कश्मीर हिंसा में पूरा संयम बरता है। यही वजह है कि 2228 पुलिसकर्मी और 1100 सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं। हिंसा में 2259 नागरिक भी घायल हुए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत किसी भी सूरत में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पाकिस्तान पर हमले करते हुए कहा कि आप खुद आतंकवाद से प्रभावित हैं। आप लाल मस्जिद में घुसकर आतंकियों को मारते हैं और हमारे यहां के युवाओं को हथियार उठाने के लिए कहते हैं। यह बर्दाश्त नहीं है।
नेकां ने पाक और अलगाववादियों से बात की वकालत की, कांग्रेस का बहिष्कार
सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेकां के प्रतिनिधिमंडल और सीपीआई (एम) विधायक मोहम्मद युसूफ तारिगामी ने भी राजनाथ से मिलकर पाक और अलगाववादियों से बात शुरू करने की मांग रखी।
कांग्रेस ने मुलाकात का बहिष्कार किया। पीडीपी के नईम अख्तर, काजी अफजल, फारूक अंद्राबी, मंसूर हुसैन, खुर्शीद आलम, मुंतजिर मोहिउद्दीन, भाजपा की द्राक्षा अंद्राबी, पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन, पीडीपीएफ के हकीम यासीन, डीपीएन के गुलाम हसन मीर ने गृह मंत्री से कश्मीर के हालात पर बात की।
महबूबा मिलीं राजनाथ से
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अपने मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह से रविवार को मिलीं। पीडीपी, भाजपा तथा विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद महबूबा के नेतृत्व में सरकार का प्रतिनिधिमंडल राजनाथ से मिला।
कांग्रेस ने मुलाकात का बहिष्कार किया। पीडीपी के नईम अख्तर, काजी अफजल, फारूक अंद्राबी, मंसूर हुसैन, खुर्शीद आलम, मुंतजिर मोहिउद्दीन, भाजपा की द्राक्षा अंद्राबी, पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन, पीडीपीएफ के हकीम यासीन, डीपीएन के गुलाम हसन मीर ने गृह मंत्री से कश्मीर के हालात पर बात की।
महबूबा मिलीं राजनाथ से
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अपने मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह से रविवार को मिलीं। पीडीपी, भाजपा तथा विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद महबूबा के नेतृत्व में सरकार का प्रतिनिधिमंडल राजनाथ से मिला।