{"_id":"57bb4d294f1c1b9663d502f1","slug":"rail-service-disrupted-in-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर घाटी में रेल सेवा डेढ़ महीने से ठप, सलाना होता है 70 करोड़ का घाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर घाटी में रेल सेवा डेढ़ महीने से ठप, सलाना होता है 70 करोड़ का घाटा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 23 Aug 2016 10:49 AM IST
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कश्मीर में रेल सेवा ठप
- फोटो : File Photo
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कश्मीर में रेल सेवा पहले से ही नुकसान पर चल रही है। कश्मीर में रेलवे को करीब दस करोड़ वार्षिक राजस्व मिलता है। जबकि ट्रेन चलाने व रखरखाव में रेलवे करीब एक वर्ष में 80 करोड़ रुपये खर्च करता है।
हर वर्ष रेलवे को 70 करोड़ का नुकसान उठाकर रेल सेवा को चलाना पड़ रहा है। वहीं अब हिंसा के चलते रेलवे को किराए से मिलने वाला राजस्व भी बंद हो गया है।
घाटी में हालात बिगड़ने के बाद लगातार 45वें दिन भी रेल सेवा पूरी तरह से ठप रही। इससे रेलवे के राजस्व को करीब चार करोड़ का नुकसान पहुंचने का अनुमान है। 137 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक 45 दिनों से सूना पड़ा है। वहीं सूत्रों के अनुसार किसी राज्य में पहली बार रेलवे ने इतनी देर तक रेल सेवा को बंद रखा है।
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हर वर्ष रेलवे को 70 करोड़ का नुकसान उठाकर रेल सेवा को चलाना पड़ रहा है। वहीं अब हिंसा के चलते रेलवे को किराए से मिलने वाला राजस्व भी बंद हो गया है।
घाटी में हालात बिगड़ने के बाद लगातार 45वें दिन भी रेल सेवा पूरी तरह से ठप रही। इससे रेलवे के राजस्व को करीब चार करोड़ का नुकसान पहुंचने का अनुमान है। 137 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक 45 दिनों से सूना पड़ा है। वहीं सूत्रों के अनुसार किसी राज्य में पहली बार रेलवे ने इतनी देर तक रेल सेवा को बंद रखा है।
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उपद्रवियों ने दो रेलवे फाटक तोड़े, कई घरों पर पथराव
कश्मीर रेलवे
- फोटो : PTI
कश्मीर में रेल सेवा बनिहाल से बारामुला तक 137 किलोमीटर के ट्रैक पर चलती है। इस रूट पर हर रोज करीब 30 ट्रेनों में 25 से 30 हजार यात्री सफर करते हैं। नौ जुलाई से इस ट्रैक पर रेल सेवा पूरी तरह से बंद पड़ी है। इससे रेलवे का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। बाहरी राज्यों के कर्मचारी रेलवे स्टेशनों को छोड़ कर अपने घरों को लौट चुके हैं।
कश्मीर में हालात बिगड़ने के बाद ट्रैक को पहुंचाए गए नुकसान का रेलवे न तो आंकलन कर पाई है और न ही मरम्मत का कार्य शुरू कर पा रही है। बस हालात सुधरने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं सरकार ने रेलवे स्टेशन व ट्रैक पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए हैं।
हालात बिगड़ने पर शुरुआती दिनों में शरारती तत्वों द्वारा लगातार ट्रैक व स्टेशनों को निशाना बनाया गया था। कांजीगुंड-सदूरा रेलवे स्टेशन के बीच दो रेलवे क्रॉसिंग फाटक फूंक दिए गए।
बिजबिहाड़ा में रेलवे पुलिस की चौकी फूंकी गई। पंचगाम व बड़गांव में रेलकर्मियों के क्वार्टरों पर पथराव किया गया। श्रीनगर-बडगाम कांजीगुंड-सदूरा व बेहरा-पंचगाम रेलवे सेक्शन के बीच ट्रैक की पिनड्रोल क्लिपें निकाल दी गई थीं।
कश्मीर में हालात बिगड़ने के बाद ट्रैक को पहुंचाए गए नुकसान का रेलवे न तो आंकलन कर पाई है और न ही मरम्मत का कार्य शुरू कर पा रही है। बस हालात सुधरने का इंतजार किया जा रहा है। वहीं सरकार ने रेलवे स्टेशन व ट्रैक पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए हैं।
हालात बिगड़ने पर शुरुआती दिनों में शरारती तत्वों द्वारा लगातार ट्रैक व स्टेशनों को निशाना बनाया गया था। कांजीगुंड-सदूरा रेलवे स्टेशन के बीच दो रेलवे क्रॉसिंग फाटक फूंक दिए गए।
बिजबिहाड़ा में रेलवे पुलिस की चौकी फूंकी गई। पंचगाम व बड़गांव में रेलकर्मियों के क्वार्टरों पर पथराव किया गया। श्रीनगर-बडगाम कांजीगुंड-सदूरा व बेहरा-पंचगाम रेलवे सेक्शन के बीच ट्रैक की पिनड्रोल क्लिपें निकाल दी गई थीं।