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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   proximity in Opposition parties

कश्मीर हिंसा पर विपक्ष में नजदीकियां, तो सत्तापक्ष में बढ़ रहीं दूरियां

Sat, 20 Aug 2016 11:06 AM IST
संजीव दुबे, अमर उजाला/श्रीनगर
संजीव दुबे, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sat, 20 Aug 2016 11:06 AM IST
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proximity in Opposition parties
घाटी में हिंसा - फोटो : File Photo
कश्मीर में बिगड़े हालात के बाद से रियासत की सियासत में भी राजनीतिक दलों में करीब आने व दूरियां का सिलसिला तेज हो गया है।
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विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस यहां खराब हालात के लिए राज्य व केंद्र सरकार को एक साथ मिलकर घेरने में जुट गए हैं। वहीं सत्ताधारी गठबंधन पीडीपी व भाजपा के सुर में समानता नहीं दिख रही है। 

पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की ओर से श्रीनगर में आयोजित की गई विपक्षी दलों की बैठक में लगभग सभी विपक्षी पार्टियों के अलावा निर्दलीय विधायकों के शामिल होने के बाद नेशनल कांफ्रेंस व कांग्रेस में करीबी ओर बढ़ गई है। दोनों पार्टियां अब मिलकर सरकार को घेरने की रणनीति पर चल रही हैं।
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भाजपा ने कहा- बातचीत संविधान के दायरे में ही संभव

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बैठक में मौजूद विपक्षी दल के नेता - फोटो : PTI
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि कांग्रेस की अपनी विचारधारा है और नेशनल कांफ्रेंस की अपनी। हां कश्मीर में हालात पर दोनों पार्टियां चिंतित हैं और एक साथ मिलकर विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास कर रहा है। इससे केंद्र व राज्य सरकार पर शांति प्रक्रिया शुरू करने का दबाव बनाया जा सकेगा।

वहीं, भाजपा और पीडीपी के नेताओं की माने तो दोनों पार्टियों की विचारधारा अलग-अलग है। पीडीपी को कश्मीर की राजनीति मुख्य रूप से करनी है और भाजपा को जम्मू में। भाजपा कश्मीर में सभी हितधारकों से बातचीत केवल संविधान के दायरे में ही करने के पक्ष में है, जबकि पीडीपी चाहती है कि अलगाववादियों समेत सभी से बातचीत शुरू हो।

सुरक्षा बलों के कश्मीर में बल प्रयोग के अधिकारों को लेकर भी दोनों पार्टियों में मतभेद है। हालांकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि सियासत में असली ताकत मतदाताओं के पास है।

विपक्ष की एकजुटता से सरकार की स्थिरता पर कोई खतरा नहीं है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता एवं शिक्षा मंत्री नईम अख्तर और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने पीडीपी भाजपा में किसी तरह की दूरियों से इंकार किया है। 
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