{"_id":"57360a944f1c1bbc6b919aab","slug":"protest-in-srinager","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर: प्रदर्शन के दौरान सेना की वर्दी में आए युवक, मची अफरा-तफरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर: प्रदर्शन के दौरान सेना की वर्दी में आए युवक, मची अफरा-तफरी
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 13 May 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर में प्रदर्शन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर के पुराने शहर में शुक्रवार को एक बार फिर जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई। वहीं इस बार अचानक कुछ युवक सेना की वर्दी (कैमोफ्लॉज यूनिफार्म) में प्रदर्शनकारियों के बीच आ गए।
उनमें से एक के हाथ में लश्कर-ए-तैयबा का झंडा था। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों को लगा कि प्रदर्शनकारियों के बीच आतंकी आ गए हैं। इस बीच आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे भी लहराए। हालांकि किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है।
घटना नौहट्टा इलाके की है, जहां जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नकाबपोश युवक सड़क पर उतर आए। उन्होंने आजादी के हक में नारेबाजी की। इस बार हैरान करने वाली बात यह रही कि अचानक से प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक सेना की वर्दी (कैमो लॉज यूनिफार्म) में प्रदर्शनकारियों के बीच आ गए।
विज्ञापन
इस बीच मीडिया के सामने कहा कि अगर सैनिक कॉलोनी को यहां पर स्थापित किया गया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी बात पर अड़ी रही, तो यहां वर्ष 2008 जैसी स्थितियां पैदा होंगी। प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
इसके बाद वह वहां से रफूचक्कर हो गए। हालांकि नौहट्टा प्रदर्शन के दौरान पथराव नहीं हुआ। केवल राजीयकडल इलाके में हलकी पत्थरबाजी हुई, जिसे नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ आंसू गैस के गोले भी दागे गए।
विज्ञापन
उनमें से एक के हाथ में लश्कर-ए-तैयबा का झंडा था। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों को लगा कि प्रदर्शनकारियों के बीच आतंकी आ गए हैं। इस बीच आईएसआईएस और पाकिस्तान के झंडे भी लहराए। हालांकि किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है।
विज्ञापन
घटना नौहट्टा इलाके की है, जहां जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नकाबपोश युवक सड़क पर उतर आए। उन्होंने आजादी के हक में नारेबाजी की। इस बार हैरान करने वाली बात यह रही कि अचानक से प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक सेना की वर्दी (कैमो लॉज यूनिफार्म) में प्रदर्शनकारियों के बीच आ गए।
विज्ञापन
इस बीच मीडिया के सामने कहा कि अगर सैनिक कॉलोनी को यहां पर स्थापित किया गया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपनी बात पर अड़ी रही, तो यहां वर्ष 2008 जैसी स्थितियां पैदा होंगी। प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
इसके बाद वह वहां से रफूचक्कर हो गए। हालांकि नौहट्टा प्रदर्शन के दौरान पथराव नहीं हुआ। केवल राजीयकडल इलाके में हलकी पत्थरबाजी हुई, जिसे नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ आंसू गैस के गोले भी दागे गए।