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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   PDP MP Tariq Hamid Karra resigns from Lok Sabha, party

J&K: रियासत की सियासत में भूचाल, PDP के संस्थापक सदस्य कर्रा ने पार्टी से दिया इस्तीफा

Thu, 15 Sep 2016 07:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Thu, 15 Sep 2016 07:18 PM IST
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PDP MP Tariq Hamid Karra resigns from Lok Sabha, party
तारिक हमीद कर्रा - फोटो : File Photo
राज्य में सत्तासीन पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता और श्रीनगर से सांसद तारिक हमीद कर्रा ने इस्तीफे की घोषणा कर सनसनी मचा दी।
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श्रीनगर में मीडिया से मुखातिब कर्रा ने कहा वे शुरू से ही पीडीपी-भाजपा के गठबंधन की खिलाफत करते रहे हैं। पार्टी जिस मकसद से वजूद में आई वो मकसद पूरी तरह से भुला दिया गया।

पिछले दो महीने से ज्यादा समय से घाटी में जिस तरह से मौतों का सिलसिला जारी है उसे वह सहन नहीं कर सकते हैं। इन मौतों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए वे पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा करते हैं। संसद सदस्य की हैसियत से वह दो एक दिन में औपचारिक रूप से इस्तीफा स्पीकर को सौंप देंगे।
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'कश्मीर हिंसा पर प्रधानमंत्री ने क्यों साधी चुप्पी'?

PDP MP Tariq Hamid Karra resigns from Lok Sabha, party
सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
कर्रा ने कहा उन्होंने मुफ्ती साहब और महबूबा मुफ्ती को गठबंधन के लिए लगातार चेताया लेकिन उनका मजाक बना दिया गया।

उन्होंने कहा कि जो भी समझौता हुआ था जमीनी स्तर पर वैसा कुछ भी नहीं किया गया। वे कहते रहे कि आरएसएस केवल मोदी के बांह मरोड़ने के रवैये को आगे बढ़ा रहा है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधे हुआ है। इसी वजह से कश्मीरी अवाम में गुस्सा बढ़ा क्योंकि देश को हिंदु राष्ट्र बनाने की कोशिश की जा रही है।

गठबंधन के एजेंडे का मसौदा न तो जम्मू में बना और ना ही कश्मीर में। उसे किसी और ही जगह पर तैयार किया गया।

'अफस्पा, पब्लिक सेफ्टी एक्ट जैसे मुद्दों का क्या हुआ'?

PDP MP Tariq Hamid Karra resigns from Lok Sabha, party
सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने सवाल किया कि सेल्फ रूल, अफस्पा, पब्लिक सेफ्टी एक्ट जैसे मुद्दों का क्या हुआ। आखिर कश्मीर में इसी तरह की मौतों को लेकर पीडीपी क्यों खिलाफत करती रही। आज जो कुछ भी हो रहा है उसका पीडीपी ने पूर्व में पुरजोर विरोध किया है।

कर्रा ने कहा जम्मू कश्मीर में लोगों को सांस लेने की जगह चाहिए। अवाम के लिए पीडीपी एक रक्षक के रूप में वजूद में आई लेकिन अब लोगों को ऐसी पार्टी के अधीन होकर रहना पड़ रहा है जिसका तौर तरीका नाजियों जैसा है। 197 साल के इतिहास में पहली मर्तबा जामा मस्जिद को ईद पर बंद रखा गया।

ऐसे हालात को उनकी अंतर आत्मा स्वीकार नहीं कर सकती है। वे पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफे की घोषणा करते हैं।
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