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अलगाववादियों पर फूटा मासूमों के मां-बाप का गुस्सा, घाटी के स्कूल बंद कराने का विरोध

Sun, 30 Oct 2016 12:34 AM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Sun, 30 Oct 2016 12:34 AM IST
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parents opposed the closures of schools in kashmir
घाटी के बंद स्कूलों का विरोध - फोटो : ANI
कश्मीर में 3 महीने से ज्यादा समय से चल रही हिंसा के चलते आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। बच्चों की शिक्षा के लिए बनाए गए स्कूलों को हिंसा में जलाया जा रहा है। एक ओर जहां पूरी घाटी में तनाव बरकरार है वहीं दूसरी ओर स्कूलों में पढ़ाई लिखाई ठप है।
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3 महीनों से स्कूलों के बंद होने के कारण बच्चों के भविष्य को अंधेरे में जाता देख आज घाटी में मासूम बच्चों के अभिवावकों ने अलगाववादियों के स्कूल बंद कराने के निर्णय का विरोध किया। श्रीनगर में सड़कों पर उतरे अभिवावकों ने अलगाववादियों के विरोध में प्रदर्शन किए। 
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अभिवावकों ने चेहरे ढांककर हाथों में तख्तियां लिए विरोध करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि ये गतिरोध खत्म किया जाए। अभिवावकों ने अलगाववादियों से पूछा कि गिलानी साहब की पोती है वो परीक्षा दे रही है तो हमारे बच्चों का भविष्य क्यों बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि स्कूल खुलने चाहिए। 

लोगों ने पूछा 'स्कूल बंद करने से कौन सी आजादी मिल जाएगी'

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अलगाववादियों का विरोध - फोटो : ANI
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पूछा कि 'स्कूल बंद कराने से कौन सी आजादी मिल जाएगी"? सड़को पर बड़ी संख्या में उतरे इन लोगों ने घाटी के हालात सामान्य कराने और स्कूलों को फिर से खुलवाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। 
 
विरोध प्रदर्शन में उतरे ये लोग उन बच्चों के माता-पिता थे जिनके स्कूल हिंसा के तनाव और घाटी में विरोध प्रदर्शनों के चलते पिछले कई दिनों से बंद हैं। इन स्कूलों के बंद होने के कारण घाटी के बच्चों का करियर खराब होने जैसी स्थितियां बन गई हैं।

पिछले दिनों कई सामाजिक संगठनों ने भी स्कूलों के बंद होने पर चिंता जाहिर की थी। जम्मू-कश्मीर सरकार के स्कूली शिक्षा निदेशक शाह फैसल ने भी बंद स्कूलों की हालत पर अपनी चिंता फेसबुक के जरिए साझा की थी जिसके बाद हजारों लोगों ने इस पोस्ट पर स्कूलों के खोले जाने की मांग की। 

'जान के डर से चेहरे ढांककर किया प्रदर्शन'

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अलगाववादियों के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : ANI
विरोध प्रदर्शन में उतरे एक अभिवावक ने कहा कि गिलानी साहब अपने परिवार को सुरक्षित रखते हैं और हम जैसे गरीबों का शोषण करते हैं। उन्होनें मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अपनी जान जाने का डर है इसी कारण वो अपने चेहरे ढांककर उनसे बात कर रहे हैं। 
 
गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी है। उपद्रवियों ने हिंसक प्रदर्शनों के दौरान अब तक 24 स्कूलों में आग लगा दी है। इसके अलावा तनाव के बीच घाटी के स्कूल महीनों से बंद हैं जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई बुरी तरह से प्रभावित है। 
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