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सेना की उत्तरी कमान के जांबाजों ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस से बढ़ाया मान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:06 PM IST
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उत्तरी कमान के हवलदार हंगपान दादा
- फोटो : ADGPI_Indain Army
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देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तरी कमान के जांबाज जवानों के वीरता पुरस्कार घोषित किए गए हैं। उत्तरी कमान के हवलदार हंगपान दादा की शहादत को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र (मरणोपरांत) के लिए चुना गया है।
हंगपान दादा की दिलेरी से भारतीय सेना और उत्तरी कमान का रुतबा और ऊंचा हो गया। उत्तरी कमान से ही आठ अन्य जांबाजों को शौर्य चक्र सम्मान से नवाजा गया है। इनमें से पांच शौर्य चक्र मरणोपरांत हैं। शौर्य चक्र देश में शांतिकाल का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
शौर्य चक्र विजेताओं में शामिल कैप्टन तुषार महाजन पांपोर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए। उन्होंने प्रेरक नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हुए साथी जवान की जान बचाई और आपरेशन को अपनी कुर्बानी देकर अंजाम तक पहुंचाया। उनके साथ शामिल लांस नायक ओम प्रकाश और कैप्टन पवन कुमार ने भी शहादत दी।
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हंगपान दादा की दिलेरी से भारतीय सेना और उत्तरी कमान का रुतबा और ऊंचा हो गया। उत्तरी कमान से ही आठ अन्य जांबाजों को शौर्य चक्र सम्मान से नवाजा गया है। इनमें से पांच शौर्य चक्र मरणोपरांत हैं। शौर्य चक्र देश में शांतिकाल का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
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शौर्य चक्र विजेताओं में शामिल कैप्टन तुषार महाजन पांपोर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए। उन्होंने प्रेरक नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हुए साथी जवान की जान बचाई और आपरेशन को अपनी कुर्बानी देकर अंजाम तक पहुंचाया। उनके साथ शामिल लांस नायक ओम प्रकाश और कैप्टन पवन कुमार ने भी शहादत दी।
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मेजर राहुल देव सिंह को शौर्य चक्र
उत्तरी कमान के जवान
- फोटो : File Photo
4 अक्तूबर 2015 को दो कुख्यात आतंकियों को ढेर करने वाले मेजर राहुल देव सिंह को शौर्य चक्र सम्मान मिला है। गुरेज सेक्टर में 17 सितंबर 2015 को दो आतंकियों को मारने वाले कैप्टन गौरव शरद जाधव को भी शौर्य चक्र का सम्मान मिला है।
पुलवामा जिले के द्रबगाम आपरेशन में नायब सूबेदार वी सुब्बा कंकरा रेड्डी शहीद हुए थे। उन्हें शौर्य चक्र दिया गया। 12 फरवरी को कुपवाड़ा जिले में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए नायक शिंदे शंकर चंद्रभान को भी शौर्य चक्र सम्मान दिया गया है।
उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। 29 अक्तूबर 2015 को कुख्यात आतंकी को ढेर करने वाले सिपाही हरि छेत्री को शौर्य चक्र सम्मान दिया गया है। उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने वीरता पुरस्कार के लिए चुने गए जांबाजों की बहादुरी को सलाम किया है।
पुलवामा जिले के द्रबगाम आपरेशन में नायब सूबेदार वी सुब्बा कंकरा रेड्डी शहीद हुए थे। उन्हें शौर्य चक्र दिया गया। 12 फरवरी को कुपवाड़ा जिले में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए नायक शिंदे शंकर चंद्रभान को भी शौर्य चक्र सम्मान दिया गया है।
उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। 29 अक्तूबर 2015 को कुख्यात आतंकी को ढेर करने वाले सिपाही हरि छेत्री को शौर्य चक्र सम्मान दिया गया है। उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने वीरता पुरस्कार के लिए चुने गए जांबाजों की बहादुरी को सलाम किया है।