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चार साल पहले लगी गोली, आज भी नहीं निकली

Mon, 01 Aug 2016 01:11 PM IST
प्रीत चौधरी, अमर उजाला/सांबा
प्रीत चौधरी, अमर उजाला/सांबा Updated Mon, 01 Aug 2016 01:11 PM IST
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no relief for bullet injured in samba
- फोटो : PTI

पाक गोलीबारी से घायलाें की अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है। आज भी प्रभावित लोग अपने खर्च पर उपचार करवा रहे हैं। पाक गोलीबारी से घायल चचवाल निवासी कुलवंत सिंह का दर्द तो करीब चार साल पुराना है, जिस पर मरहम लगने का उन्हें आज भी इंतजार है। 

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उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर 2012 को वह पत्नी त्रिशला के साथ खेत में काम करने निकले थे। इसी दौरान रेजराें ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें दोनाें घायल हो गए। स्थानीय युवाओं ने वहां से अस्पताल पहुंचाया था। आज भी गोली पीठ में ही है। 
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कुलवंत सिंह ने कहा कि न तो प्रशासन और न ही राज्य सरकार की ओर से ही कोई सुध ली गई। पुलिस विभाग में बतौर एसपीओ तैनात कुलवंत सिंह ने कहा कि पीठ के आपरेशन के लिए उनके पास राशि नहीं है। 

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खेत में गए थे कुलवंत, पाकिस्तानी रेंजरों ने शुरू कर दी गोलाबारी  

no relief for bullet injured in samba
samba - फोटो : Amar Ujala

उन्हाेंने कहा कि उस समय रेडक्रास की ओर से दस हजार की फौरी मदद की गई थी। उसके बाद किसी ने सुध नहीं ली। उन्हाेंने कहा कि कई बार नेताओं और जिला प्रशासन के अधिकारियाें से अपनी दास्तान सुनाई। लेकिन, किसी ने मदद नहीं की। 

कुलवंत के अनुसार डीसी कार्यालय में उनकी फाइल धूल चाट रही है। केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र से भी अपनी दिक्कतें बताई थीं। लेकिन, कोई कदम नहीं उठाया गया। यह सिर्फ कुलवंत की परेशानी नहीं है। सीमांत क्षेत्र मेें ऐसे कई लोग हैं जो पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल हुए हैं। लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। पीडि़त दंपति ने कहा कि अब वह उपमुख्यमंत्री से मिलकर अपनी परेशानी सुनाएंगें।

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