पंपोर हमले में आतंकियों ने 4 मिनट में 200 राउंड फायर किए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांपोर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए हमले में आत्मसमर्पण किए हुए पुराने आतंकी हो सकते हैं। सीआरपीएफ के महानिदेशक दुर्गा प्रसाद ने कहा है कि सूचना के मुताबिक मारे गए दो आतंकियों को सीआरपीएफ काफिले के पास छोड़ने वालेे लोग आत्मसमर्पण किए हुए आतंकी हो सकते हैं।
गौरतलब है कि मारे गए लश्कर के दो आतंकियों को ऑल्टो गाड़ी से हमले की जगह पर छोड़ा गया था। दुर्गा प्रसाद के मुताबिक इस फिदायीन हमले को ठोस योजना के तहत अंजाम दिया गया है। इस हमले में आतंकियों ने करीब चार मिनट के भीतर 200 राउंड गोलियां चलाईं।
सुरक्षा एजेंसियां आतंकी हमले की वीडियो क्लिप के पीछे की कोशिशों की भी जांच कर रही है। एजेंसियों को हैरानी है कि हमले की जगह पर कौन शख्स चुपचाप वीडियो ले रहा था। यह वीडियो क्लिप सुरक्षा एजेंसियों के पास पहुंचने से पहले यू-ट्यूब तक कैसे पहुंच गया।
आतंकी कार्रवाई की वीडियो क्लिप ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े किए
करीब दो मिनट के इस वीडियो में आतंकियों के सीआरपीएफ काफिले पर गोली चलाते दिखाया गया है। दुर्गा प्रसाद ने बताया कि पूरा आपरेशन तीन से सात मिनट में खत्म हो गया था। महानिदेशक ने जानकारी दी कि हमले में शहीद कांस्टेबल वीर सिंह, कांस्टेबल जी डी सतीशचंद्र और हेड कांस्टेबल पशुपति यादव ने गोली लगने के बावजूद 39, 32 और 20 राउंड गोलियां आतंकवादियों पर दागे।
घायल जवानों में पांच की हालत गंभीर है। इनमें से चार को वेंटिलेटर पर रखा गया है। दुर्गा प्रसाद ने इस बात से इनकार किया कि नियमों के उल्लंघन के चलते हमला हुआ। उन्होंने कहा कि इस हमले का अमरनाथ यात्रा पर असर नहीं होगा।