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भारत-पाक को बिना वक्त गंवाए करनी होगी बातचीत: महबूबा मुफ्ती
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Tue, 01 Nov 2016 09:09 PM IST
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महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एलओसी और आईबी पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर भारत-पाकिस्तान में वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि तनाव को खत्म करने के लिए संवाद करना ही होगा। पाकिस्तान की गोलाबारी में हुई मौतों पर शोक जताते हुए महबूबा ने कहा कि ऐसे हालात और बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। नई दिल्ली और इस्लामाबाद को तत्काल बातचीत के चैनल खोलने होंगे।
महबूबा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर मानवीय संकट पैदा हो गया है। दो देशों के तनाव का खामियाजा निर्दोष अवाम को भुगतना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर को अमन की जरूरत है। लेकिन, यहां पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे संकट की स्थिति बन गई है।
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मुख्यमंत्री का कहना है कि तनाव को खत्म करने के लिए संवाद करना ही होगा। पाकिस्तान की गोलाबारी में हुई मौतों पर शोक जताते हुए महबूबा ने कहा कि ऐसे हालात और बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। नई दिल्ली और इस्लामाबाद को तत्काल बातचीत के चैनल खोलने होंगे।
महबूबा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर मानवीय संकट पैदा हो गया है। दो देशों के तनाव का खामियाजा निर्दोष अवाम को भुगतना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर को अमन की जरूरत है। लेकिन, यहां पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे संकट की स्थिति बन गई है।
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'जम्मू-कश्मीर के खातिर संबंधों में सुधार लाए भारत-पाक'
सीएम महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरहदी इलाकों के हालात भारत और पाकिस्तान को संवाद की अहमियत का अहसास करवा रहे हैं।
बिना और वक्त गंवाए दोनों मुल्कों को बातचीत करनी होगी। महबूबा ने कहा कि दुनिया ने जंग की विभीषिका देखी है। जब भी जंग हुई है, विकसित और समृद्ध राष्ट्र भी तबाही का शिकार हुए हैं।
भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व को जम्मू-कश्मीर की खातिर संबंधों में सुधार लाना होगा। उन्हाेंने कहा कि वर्ष 2003 में हालात बेहतर करने के लिए जो कदम उठाए गए थे, वर्तमान हालात में उसी दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने जम्मू संभाग के प्रशासन को सरहदी ग्रामीणों की समस्याओं के निपटारे की व्यवस्था के निर्देश भी जारी किए।
बिना और वक्त गंवाए दोनों मुल्कों को बातचीत करनी होगी। महबूबा ने कहा कि दुनिया ने जंग की विभीषिका देखी है। जब भी जंग हुई है, विकसित और समृद्ध राष्ट्र भी तबाही का शिकार हुए हैं।
भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व को जम्मू-कश्मीर की खातिर संबंधों में सुधार लाना होगा। उन्हाेंने कहा कि वर्ष 2003 में हालात बेहतर करने के लिए जो कदम उठाए गए थे, वर्तमान हालात में उसी दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने जम्मू संभाग के प्रशासन को सरहदी ग्रामीणों की समस्याओं के निपटारे की व्यवस्था के निर्देश भी जारी किए।