सत्ता और सियासत नहीं, अवाम है प्राथमिकता : महबूबा
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घाटी के हालात की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि सत्ता और सियासत नहीं बल्कि उनकी प्राथमिकता अवाम है। जब तक वे यहां पर हैं उनका हर दिन अवाम की तकलीफों को दूर करने में ही बीतेगा।
हालात पर उन्हाेंने कहा सरकार अमन बहाली के लिए लगातार कोशिशें कर रही है। जनहानि के अलावा इन हालातों ने शिक्षा और अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। हालात को पटरी पर लाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका अदा करनी होगी।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहीं महबूबा ने कहा सिविल सोसाइटी के शामिल होने से हालात में जल्दी सुधार मुमकिन है। बेरोजगारी को बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही तरीके से चैनलाइज किया जाएगा। उनकी समस्याओं के अलावा आकांक्षाओं को लेकर सरकार पारदर्शी व्यवस्था देगी।
1924 घायलों को अस्पताल से छुट्टी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून की समस्या के बीच ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रखने की जरूरत है जो अवैध कब्जों और सरकार के संसाधनों का दुरुपयोग करने से बाज नहीं आ रहे। मुख्यमंत्री ने घाटी में राशन और ईंधन वितरण की व्यवस्था के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा जिन इलाकों में हालात सामान्य हैं वहां पर प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत विकास कार्य तेजी से अंजाम दिए जाएं। गृह विभाग के प्रधान सचिव ने समीक्षा बैठक में कहा कश्मीर संभाग के अधिकांश जिलों में हालात स्थिर हो गए हैं। कुछेक इलाकों में पथराव की घटनाएं हो रही हैं लेकिन सुरक्षा परिदृश्य में व्यापक सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री को दी गई जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 11 बजे तक सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए 2115 घायलों में से 1924 को छुट्टी दे दी गई है। 191 लोगाें का इलाज जारी है। इनमें से 70 घायल आंखों की चोट से संबंधित हैं।