फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Mehbooba Mufti sad on action in Kashmir

कश्मीर में उपद्रवियों पर सख्ती की मजबूरी से महबूबा परेशान,साधा मौन

Thu, 15 Sep 2016 12:06 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/ जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/ जम्मू Updated Thu, 15 Sep 2016 12:06 PM IST
विज्ञापन
Mehbooba Mufti sad on action in Kashmir
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
कश्मीर में उपद्रवियों से सख्ती से निपटने की मजबूरी पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती परेशान हैं। देश की स्वतंत्रता के 70 साल में पहली बार ईद पर कर्फ्यू लगाने की विवशता ने महबूबा को आहत किया है।
विज्ञापन


उन्होंने अपने करीबियों से कहा कि हालात ने इस कदर मजबूर कर दिया है कि निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए नहीं चाहते हुए भी कुछ बेहद कठोर कदम उठाने पड़े। उन्होंने केंद्र सरकार से अब भी वार्ता से हल निकालने की कोशिश को प्राथमिकता देने को कहा है। 
विज्ञापन


एक सप्ताह पहले तक अलगाववादियों पर जमकर बरस रहीं मुख्यमंत्री महबूबा इन दिनों मुखर नहीं हैं। पीडीपी सूत्रों के मुताबिक महबूबा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर दक्षिण कश्मीर में सेना और सुरक्षा बलों के  के चार हजार अतिरिक्त जवान उतारने के निर्णय पर फिर से विचार करने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों को एक सप्ताह में कश्मीर में स्थिति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। पीडीपी नेताओं को आशंका है कि इस क्रम में उपद्रवियों की मौत के आंकड़े बहुत बढ़ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस स्थिति ने महबूबा को परेशान किया है। 


 

पीडीपी को अपने गढ़ मेंं ही जनाधार खोने का ड़र

Mehbooba Mufti sad on action in Kashmir
लोगों को संबोधित करतीं महबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
जम्मू में पिछले दिनों कालेज की छात्राओं को स्कूटी वितरित करने के क्रम में ही उन्हें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अनंतनाग में एक युवक की मौत की जानकारी मिली थी। तब उन्होंने कार्यक्रम में ही अपने दुख का इजहार किया था।

अनंतनाग महबूबा मुफ्ती का गृह जिला है और दक्षिण कश्मीर उनकी पार्टी पीडीपी का सबसे बड़े जनाधार वाला इलाका है। वर्तमान में सबसे अधिक उपद्रव इसी क्षेत्र में हो रहे हैं, लिहाजा उन्हें पार्टी के जनाधार की भी चिंता सताने लगी है। 

ईद-उल-फितर पर 7 जुलाई को महबूबा ने महिला होने के बावजूद हजरतबल में नमाज अता की थी। फिर 8 जुलाई को आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी हिंसा की आग में दहक उठी। नतीजतन इस बार ईद-उल अजहा पर हजरतबल और जामिया मस्जिद में नमाज अता करने की इजाजत नहीं दी गई।

सुरक्षाबलों को मिले थे हिंसा होने की आशंका के इनपुट

Mehbooba Mufti sad on action in Kashmir
Indian Army - फोटो : File Photo
दरअसल सुरक्षा बलों को ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद व्यापक हिंसा  के इनपुट मिले थे। अलगाववादियों ने संयुक्त राष्ट्र के श्रीनगर कार्यालय तक मार्च का एलान किया था। इस वजह से पूरे कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया गया।

पीडीपी प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा है कि कश्मीरी बच्चों के भविष्य के मद्देनजर अलगाववादियों को अड़ियल रुख छोड़कर वार्ता करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed