पुलिस कर्मियों के फेसबुक पर कमेंट करने पर लगाई गई पाबंदी
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सोशल नेटवर्क साइट फेसबुक पर कुछ सरकारी मुलाजिमों और पुलिस कर्मियों ने पुलिस और सरकार की ओर से आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद की गई कार्रवाई को लेकर कई टिप्पणियों में कमेंट किए। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयार कर ली गई है।
पुलिस मुख्यालय ने इसे लेकर आदेश जारी कर सीनियर अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा है। बुरहान की मौत के बाद सीआईडी मुख्यालय के दो कर्मियों ने ऐसे कमेंट किए हैं। कई सरकारी मुलाजिमों ने भी ऐसा किया है।
पुलिस मुख्यालय की तरफ से एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा है कि मुख्यालय के नोटिस में आया है कि कुछ पुलिस कर्मियों ने फेसबुक पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गलत कमेंट किए हैं। इसमें सीआईडी के दो कर्मियों का हवाला दिया गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर पुलिस कर्मियों ने किए कमेंट
जिन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले कमेंट किए। कहा गया कि सरकार के नियमों में ऐसा करना गलत है। इसे लेकर विभाग ने जम्मू कश्मीर सरकार इंप्लाइज (कंडक्ट) रूल 1971, सब रूल 116 का, सब रूल पांच का हवाला दिया गया है।
बताया गया है कि उक्त रूल के मुताबिक कोई भी सरकारी कर्मी किसी संस्था या एसोसिएशन की तरफ से किसी प्रकार की टिप्पणी को लेकर होने वाली बहस में हिस्सा नहीं ले सकता। यदि किसी अधिकारी को अपने बड़े अधिकारी से कोई शिकायत है तो वह उसके पास शिकायत करे।
उसकी सुनवाई न हो, फिर उसके लिए दूसरे प्लेटफार्म का रास्ता अपनाए। इन रूल का जिक्र करने के बाद साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि सोशल साइट पर किसी भी तरह की बहस जो सरकार के खिलाफ हो, उसमें हिस्सा लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्र कहते हैं कि कई सरकारी कर्मियों ने बुरहान की मौत के बाद पत्थरबाजों को उकसाया। उन पर भी कार्रवाई की तैयारी है।