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राज्यपाल वोहरा ने कहा- जम्मू-कश्मीर में तेजतर्रार सीमा प्रबंधन जरूरी
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Sep 2016 09:48 PM IST
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गवर्नर एनएन वोहरा
- फोटो : PTI
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा है कि देश की सीमाओं पर ज्यादा ध्यान देने और ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि सीमा से सटे इलाकों में रह रहे लोगों के लिए तेज तर्रार और बेहतरीन सीमा प्रबंधन किया जाना चाहिए।
एक कार्यक्रम में वोहरा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में, जहां छद्म युद्ध और सीमा पार से घुसपैठ जैसी समस्याएं हैं, वहां बेहतरीन सीमा प्रबंधन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में सीमा पार से पूरे साल घुसपैठ की कोशिशें होती रहती हैं।
सीमा प्रबंधन अब कोई आम समस्या नहीं है। प्रशिक्षित आतंकियों से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा बलों की जरूरत है। पिछले तीन दशक में जम्मू-कश्मीर ने सीमा पार से समर्थित घुसपैठ, छद्म युद्ध, विद्रोह, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को झेला है।
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एक कार्यक्रम में वोहरा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में, जहां छद्म युद्ध और सीमा पार से घुसपैठ जैसी समस्याएं हैं, वहां बेहतरीन सीमा प्रबंधन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में सीमा पार से पूरे साल घुसपैठ की कोशिशें होती रहती हैं।
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सीमा प्रबंधन अब कोई आम समस्या नहीं है। प्रशिक्षित आतंकियों से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा बलों की जरूरत है। पिछले तीन दशक में जम्मू-कश्मीर ने सीमा पार से समर्थित घुसपैठ, छद्म युद्ध, विद्रोह, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को झेला है।
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सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था में खामियां
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- फोटो : PTI
उन्होंने कहा कि 2012 से कठुआ और सांबा जैसे इलाकों में अब तक सेना और पुलिस पर सीमा पार समर्थित आतंकियों के चार बड़े हमले हो चुके हैं। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था में खामियां है। संचार व्यवस्था, अन्य सुविधाएं और सुरक्षा संबंधी उपकरण बेहतरीन नहीं हैं। दीना नगर थाने और पठानकोट एयरबेस पर हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें तेजतर्रार सीमा प्रबंधन की जरूरत है।
हमें सीमा से सटे इलाकों और सीमा के पार रह रहे लोगों का भी ध्यान रखना होगा। उनकी जरूरतों और समस्याओं पर गौर करना होगा, उनके कल्याण के कदम उठाने होंगे। क्योंकि सीमा पर बसे असंतुष्ट लोग सीमा प्रबंधन में सहयोग नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीमा पर बसे लोग सेना और सुरक्षा बलों को बड़ी मदद देते हैं। वे न केवल सूचनाएं देते हैं, बल्कि अन्य जरूरी मदद भी मुहैया कराते हैं। सीमा की सुरक्षा केवल केंद्र सरकार की ही नहीं, बल्कि सीमा के पास बसे लोगों की भी जिम्मेदारी है।
हमें सीमा से सटे इलाकों और सीमा के पार रह रहे लोगों का भी ध्यान रखना होगा। उनकी जरूरतों और समस्याओं पर गौर करना होगा, उनके कल्याण के कदम उठाने होंगे। क्योंकि सीमा पर बसे असंतुष्ट लोग सीमा प्रबंधन में सहयोग नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीमा पर बसे लोग सेना और सुरक्षा बलों को बड़ी मदद देते हैं। वे न केवल सूचनाएं देते हैं, बल्कि अन्य जरूरी मदद भी मुहैया कराते हैं। सीमा की सुरक्षा केवल केंद्र सरकार की ही नहीं, बल्कि सीमा के पास बसे लोगों की भी जिम्मेदारी है।