{"_id":"575297094f1c1bbe5310962a","slug":"inter-district-athletics-meet-in-kathua","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैरों में पड़े छाले, फिर भी बच्चों को दौड़ाते रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैरों में पड़े छाले, फिर भी बच्चों को दौड़ाते रहे
ब्यूरो, अमर उजाला/कठुआ
Updated Sat, 04 Jun 2016 03:21 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तरफ प्रचंड गर्मी और उस पर एथलेटिक्स मीट वह भी सुविधाओं के अभाव में। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में जारी अंतर जिला एथलेटिक्स मीट के तीसरे दिन पुरुष वर्ग के अंडर-14 और अंडर-17 आयु वर्ग में ट्रैक एंड फील्ड इवेंट करवाए गए। अव्यवस्था और सुविधाओं के अभाव में तीसरे दिन धावक के पैरों में छाले पड़ गए। यहां तक कि उसे जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इसके बावजूद खिलाड़ियों को तपती धरती पर दौड़ाया गया।
विज्ञापन
शुक्रवार को कैलाश माडर्न स्कूल महानपुर के खिलाड़ी प्रवीण कुमार जब स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे तो उनके पांव में छाले पड़ गए। प्रवीण ने जब इसकी शिकायत कर्मचारियों से की तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डाक्टरों ने छाले काटे और दोनों पांव में पट्टी बांधी।
विज्ञापन
इसके बाद भी खेल विभाग ने नहीं चेता और भीषण गर्मी के बीच खिलाड़ियों को नंगे पांव ही दौड़ाया। गौरतलब है कि एक दिन पहले भी महिला धावक बेहोश होकर मैदान पर गिर गई थी। इसके बाद भी खेल प्रतियोगिता जारी रही। वहीं, शुक्रवार को खिलाड़ी के अस्पताल पहुंचने के बाद भी प्रतियोगिता जारी रखी गई।
विज्ञापन
असुविधाओं पर कोई गौर नहीं
खेल प्रतियोगिता के आयोजन में बतौर रेफरी और विभिन्न कार्य देख रहे कर्मचारियों ने कहा कि राज्य सरकार के खेल कैलेंडर के हिसाब से प्रतियोगिता होती है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुविधाओं का टोटा है। बहुत मुश्किल से विभाग अपने स्तर पर जुगाड़ के सहारे प्रतियोगिता का आयोजन कराता है। खिलाड़ियों के बेहोश होने पर अधिकारी ने कहा कि वह सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन और खेल विभाग से बात कर चुके हैं।