अमरनाथ यात्रा मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक स्थान संवेदनशील
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अमरनाथ यात्रा मार्ग पर लखनपुर से लेकर अमरनाथ गुफा के बेस कैंप तक आधा दर्जन से अधिक स्थानों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां आतंकी हमले की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। डीजीपी के राजेंद्रा का कहना है कि पूरे यात्रा मार्ग और हाईवे पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। यात्रा को सकुशल तथा सुरक्षित संपन्न कराने के लिए बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सीआरपीएफ की 60 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया है। राज्य की पुलिस भी मुस्तैद रहेगी।
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने जिस स्थानों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है उनमें उधमपुर के कुद से चिनैनी, नरसू नाला, अनंतनाग, बिजबिहाड़ा, पांपोर, पहलगाम का इलाका शामिल है।
इसके साथ ही श्रीनगर से बालटाल के रास्ते भी आतंकी घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माने जा रहे हैं। कठुआ और सांबा जिले में हाईवे को भी संवेदनशील बताया गया है क्योंकि इन इलाकों से आईबी काफी नजदीक है।
यात्रा मार्ग पर इस महीने चार हमले
आशंका जताई जा रही है कि आईबी से घुसपैठ कर आतंकी आसानी से हाईवे तक पहुंच सकते हैं। पहले भी हाईवे पर आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी प्रकार के इनपुट पर मिल जुलकर काम करने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि जम्मू के बेस कैंप से यात्रा को सकुशल बेस कैंप तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल रहेंगे।
इस महीने आतंकियों ने यात्रा मार्ग जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चार बार हमला कर सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष चुनौती पेश कर दी। तीन जून को अनंतनाग के बिजबिहाड़ा में बीएसएफ की कानवाय पर आतंकियों ने हमला बोला जिसमें तीन जवान शहीद हो गए।
अगले ही दिन चार जून को अनंतनाग बस स्टैंड पर पुलिस पार्टी पर हमला किया। इसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। 13 जून को उधमपुर के कुद में हाईवे पर आतंकी हमले में एक महिला की मौत हो गई। आतंकी भी मार गिराया गया। इसके बाद 25 जून को पांपोर में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में आठ जवान शहीद हो गए जबकि 24 घायल हुए।