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कश्मीर हिंसा में हो रही विदेशों से फंडिंग, दो बैंक खातों पर NIA की नजर
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:29 AM IST
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एनआईए
- फोटो : File Photo
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कश्मीर हिंसा पर सरकार अब विदेशी फंडिंग को बर्दाश्त करने के मूड में नजर नहीं आ रही है। जिसके चलते एनआईए ने कश्मीर में हो रही फंडिंग की जांच तेज कर दी है।
दरअसल कुछ दिन पहले सरकार को कश्मीर हिंसा में बाहर से फंडिंग की जानकारी मिली।
सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी में इस बात का जिक्र था कि आतंकी कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए सामान्य खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस पर एनआईए ने जांच शुरू की। एनआईए दो खातों पर अपना फोकस कर रही है।
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दरअसल कुछ दिन पहले सरकार को कश्मीर हिंसा में बाहर से फंडिंग की जानकारी मिली।
सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी में इस बात का जिक्र था कि आतंकी कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए सामान्य खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस पर एनआईए ने जांच शुरू की। एनआईए दो खातों पर अपना फोकस कर रही है।
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फंडिंग में पाकिस्तान का हाथ?
घाटी में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : PTI
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलवामा जिले के एक शख्स के खाते में इस साल हिंसा के दौरान कई लाख रुपये आए हैं। अब एनआईए इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आखिर ये रुपये आए कहां से और इनका मकसद क्या था।
खाते में आई रकम को 10-10 हजार रुपये के चेक के जरिए निकाला गया था। दूसरा खाता कुपवाड़ा की एक ट्रेडिंग कंपनी का है जो तेल का व्यापार करती है।
सू्त्रों के मुताबिक एनआईए की जांच के दायरे में कई बैंक खाते हैं लेकिन अभी वो सिर्फ दो खातों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। जानकारों का कहना है कि 2010-11 में जिस तरह पाकिस्तान के रास्ते कश्मीर में पैसे आए हैं उसी तरह इस बार भी हिंसा में फंडिंग हो रही है।
खाते में आई रकम को 10-10 हजार रुपये के चेक के जरिए निकाला गया था। दूसरा खाता कुपवाड़ा की एक ट्रेडिंग कंपनी का है जो तेल का व्यापार करती है।
सू्त्रों के मुताबिक एनआईए की जांच के दायरे में कई बैंक खाते हैं लेकिन अभी वो सिर्फ दो खातों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। जानकारों का कहना है कि 2010-11 में जिस तरह पाकिस्तान के रास्ते कश्मीर में पैसे आए हैं उसी तरह इस बार भी हिंसा में फंडिंग हो रही है।