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कश्मीर के बाद अब जम्मू में भी पेट्रोल-डीजल की सप्लाई ठप होने का खतरा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 02 Sep 2016 09:01 PM IST
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पिछले हफ्ते जम्मू में ठप हुई थी सप्लाई
- फोटो : Amar Ujala
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कश्मीर घाटी में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। थोड़ी सी शांति के बाद दोबारा से घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से सेना पर पथराव जारी है। इसके चलते टैंकर चालकों ने घाटी के लिए पेट्रोल, डीजल की सप्लाई ठप कर रखी है। शुक्रवार को टैंकर चालकों ने सातवें दिन घाटी में सप्लाई नहीं भेजी है।
इसके साथ ही जम्मू के टैंकर चालकों ने अपने-अपने डिपो में प्रदर्शन जारी रखा है और सरकार से सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। इसके साथ ही जम्मू में दोबारा से हड़ताल की चेतावनी दी है।
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प्रदर्शनकारियों की ओर से सेना पर पथराव जारी है। इसके चलते टैंकर चालकों ने घाटी के लिए पेट्रोल, डीजल की सप्लाई ठप कर रखी है। शुक्रवार को टैंकर चालकों ने सातवें दिन घाटी में सप्लाई नहीं भेजी है।
इसके साथ ही जम्मू के टैंकर चालकों ने अपने-अपने डिपो में प्रदर्शन जारी रखा है और सरकार से सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। इसके साथ ही जम्मू में दोबारा से हड़ताल की चेतावनी दी है।
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कश्मीर हिंसा में 100 से ज्यादा टैंकर चालक जख्मी
जम्मू में पेट्रोल पंप पर लगी भीड़
- फोटो : File Photo
आल जेएंडके टैंकर चालक एंड कंडक्टर एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक शनिवार से घाटी के लिए पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की सप्लाई ठप करके हड़ताल की गई थी।
इससे पहले उन्होंने सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाने के आश्वासन पर जम्मू से टैंकर भेजे थे, लेकिन अधिकतर टैंकर शीशे टूटने के बाद वापस आ गए।
अब तक 200 से ज्यादा टैंकरों के शीशे टूट चुके हैं और 100 से ज्यादा चालकजख्मी हो चुके हैं, जिन्हें इलाज और नुकसान दोनों पर अपने जेब से पैसे लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है।
इससे पहले उन्होंने सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाने के आश्वासन पर जम्मू से टैंकर भेजे थे, लेकिन अधिकतर टैंकर शीशे टूटने के बाद वापस आ गए।
अब तक 200 से ज्यादा टैंकरों के शीशे टूट चुके हैं और 100 से ज्यादा चालकजख्मी हो चुके हैं, जिन्हें इलाज और नुकसान दोनों पर अपने जेब से पैसे लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है।
सरकार की ओर से नहीं मिला मुआवजा
टैंकर
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सरकार की ओर से अभी तक नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। इससे टैंकर चालकों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
घाटी में हालात पहले की तरह ही हैं। सुरक्षा नहीं मिली है। नतीजतन वे टैंकर न भेजने के लिए मजबूर हैं। डिपो में चालकों ने प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग करते हुए नारेबाजी की है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार की ओर से उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई तो वे जम्मू में दोबारा से हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
घाटी में हालात पहले की तरह ही हैं। सुरक्षा नहीं मिली है। नतीजतन वे टैंकर न भेजने के लिए मजबूर हैं। डिपो में चालकों ने प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग करते हुए नारेबाजी की है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार की ओर से उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई तो वे जम्मू में दोबारा से हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।