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कश्मीर: दर्जनों टैंकरों में तोड़फोड़, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई ठप होने का खतरा बढ़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 09 Sep 2016 08:07 PM IST
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टैंकर
- फोटो : Amar Ujala
घाटी के लिए पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की सप्लाई भेजे जाने वालों टैंकरों पर पथराव जारी है। शुक्रवार को डेढ़ और टैंकरों पर भड़की हिंसा ने हमला किया और टैंकरों के शीशे तोड़ दिया।
आल जेएंडके ड्राइवर एंड क्लीनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बढ़ गए है कि वे पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर रहे है और चालकों को नुकसान पहुंचा रहे है।
एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक घाटी में सप्लाई बहाल रखने को लेकर उनमें असमंजस बना हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें जानबूझकर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
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आल जेएंडके ड्राइवर एंड क्लीनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बढ़ गए है कि वे पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर रहे है और चालकों को नुकसान पहुंचा रहे है।
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एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक घाटी में सप्लाई बहाल रखने को लेकर उनमें असमंजस बना हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें जानबूझकर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
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बिजबिहाड़ा में ही हो रहे ज्यादातर हमले
पेट्रोल
- फोटो : Demp Pic.
उन्होंने कहा कि हर बार बिजबिहाड़ा और खन्नाबल में टैंकरों पर हमले हो रहे है, बावजूद सरकार उस हिस्से में सुरक्षा मुहैया नहीं करवा रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर जल्द उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई तो भविष्य में वे सप्लाई ठप करने के लिए कड़ा एक्शन ले सकते है। फिर सप्लाई बहाल न होने से आने वाली दिक्कतों की सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बिजबिहाड़ा में डेढ़ टैंकरों पर हमला हुआ है जिस कारण उनके चालक भी जख्मी हुए है। टैंकरों के शीशे टूटे है और सरकार की ओर से न तो कोई मुआवजा देने की बात हुई है और न कोई सुरक्षा देने की। ऐसे में चालक असमंजस की स्थिति में है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर जल्द उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई तो भविष्य में वे सप्लाई ठप करने के लिए कड़ा एक्शन ले सकते है। फिर सप्लाई बहाल न होने से आने वाली दिक्कतों की सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बिजबिहाड़ा में डेढ़ टैंकरों पर हमला हुआ है जिस कारण उनके चालक भी जख्मी हुए है। टैंकरों के शीशे टूटे है और सरकार की ओर से न तो कोई मुआवजा देने की बात हुई है और न कोई सुरक्षा देने की। ऐसे में चालक असमंजस की स्थिति में है।