{"_id":"57d2c87e4f1c1b255631a90e","slug":"dozens-of-tankers-vandalized","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर: दर्जनों टैंकरों में तोड़फोड़, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई ठप होने का खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर: दर्जनों टैंकरों में तोड़फोड़, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई ठप होने का खतरा बढ़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 09 Sep 2016 08:07 PM IST
विज्ञापन
टैंकर
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घाटी के लिए पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की सप्लाई भेजे जाने वालों टैंकरों पर पथराव जारी है। शुक्रवार को डेढ़ और टैंकरों पर भड़की हिंसा ने हमला किया और टैंकरों के शीशे तोड़ दिया।
आल जेएंडके ड्राइवर एंड क्लीनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बढ़ गए है कि वे पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर रहे है और चालकों को नुकसान पहुंचा रहे है।
एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक घाटी में सप्लाई बहाल रखने को लेकर उनमें असमंजस बना हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें जानबूझकर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आल जेएंडके ड्राइवर एंड क्लीनर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के हौसले इतने बढ़ गए है कि वे पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर रहे है और चालकों को नुकसान पहुंचा रहे है।
विज्ञापन
एसोसिएशन के महासचिव सुरिंद्र सिंह के मुताबिक घाटी में सप्लाई बहाल रखने को लेकर उनमें असमंजस बना हुआ है। सरकार की ओर से उन्हें जानबूझकर सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
विज्ञापन
बिजबिहाड़ा में ही हो रहे ज्यादातर हमले
पेट्रोल
- फोटो : Demp Pic.
उन्होंने कहा कि हर बार बिजबिहाड़ा और खन्नाबल में टैंकरों पर हमले हो रहे है, बावजूद सरकार उस हिस्से में सुरक्षा मुहैया नहीं करवा रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर जल्द उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई तो भविष्य में वे सप्लाई ठप करने के लिए कड़ा एक्शन ले सकते है। फिर सप्लाई बहाल न होने से आने वाली दिक्कतों की सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बिजबिहाड़ा में डेढ़ टैंकरों पर हमला हुआ है जिस कारण उनके चालक भी जख्मी हुए है। टैंकरों के शीशे टूटे है और सरकार की ओर से न तो कोई मुआवजा देने की बात हुई है और न कोई सुरक्षा देने की। ऐसे में चालक असमंजस की स्थिति में है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर जल्द उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई गई तो भविष्य में वे सप्लाई ठप करने के लिए कड़ा एक्शन ले सकते है। फिर सप्लाई बहाल न होने से आने वाली दिक्कतों की सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बिजबिहाड़ा में डेढ़ टैंकरों पर हमला हुआ है जिस कारण उनके चालक भी जख्मी हुए है। टैंकरों के शीशे टूटे है और सरकार की ओर से न तो कोई मुआवजा देने की बात हुई है और न कोई सुरक्षा देने की। ऐसे में चालक असमंजस की स्थिति में है।