कश्मीर घाटी में लगातार 98वें दिन तनाव का माहौल, पाबंदियों से जनजीवन प्रभावित
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कश्मीर घाटी में वीरवार को अलगाववादियों के राजभवन घेरने के ऐलान के बाद प्रशासन द्वारा श्रीनगर समेत आसपास के कई जिलों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं । प्रशासन द्वारा घाटी में कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ और पुलिसबलों की तैनाती की गई है ।
प्रशासन द्वारा शहर के भीतर सड़कों पर लोगों की किसी भी तरह की आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई है हालांकि शहर के बाहरी इलाकों में वाहनों की आवाजाही को थोड़ी छूट दी गई थी । हालातों के मद्देनजर श्रीनगर के कई प्रमुख इलाकों में दंगा निरोधक सामानों के साथ भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है ।
आम जनजीवन पर पड़ रहा बहुत गहरा असर
वहीं कई महीनों से अशांत कश्मीर घाटी में आम लोगों के जनजीवन पर बहुत गहरा असर पड़ रहा है । घाटी में महीनों से स्कूल बंद हैं, इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज नहीं हो रहा है । घाटी के अशांत माहौल के चलते कश्मीरी बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है ।
घाटी के स्कूलों में शिक्षा के इंतजामों पर गहरा प्रभाव पड़ा है । इसके साथ ही कर्फ्यू जैसी पाबंदियों के कारण सड़कों पर कम लोग ही दिख रहे हैं । पिछले 3 महीनों से जारी हिंसा के कारण घाटी में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का सेलेबस पूरा नहीं हो पाया है ऐसे में बच्चे भी परीक्षाओं में बिना पढ़ाई बैठने को मजबूर हैं ।
गौरतलब है कि घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही तनाव का माहौल है । बुरहान के मारे जाने के बाद से भड़की हिंसा के कारण अब तक कुल 84 लोगों की मौत हो चुकी है । इसके अलावा सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों मे हजारों लोग घायल हुए हैं ।