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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   curfew in All districts of Kashmir

कश्मीर में ईद की रौनक पर अलगाववादियों की बंदिशों का पहरा

Tue, 13 Sep 2016 12:31 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 13 Sep 2016 12:31 AM IST
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curfew in All districts of Kashmir
घाटी में कर्फ्यू जारी - फोटो : PTI
इस बार ईद-उल-अजहा पर हड़ताल और बंद का ग्रहण लग गया है। बाजारों में रौनक पर अलगाववादियों की बंदिशों का पहरा है।
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हिंसा की आग में दहकती घाटी में अलगाववादियों ने आम कश्मीरियों को पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाने की भी इजाजत नहीं दी है।

घाटी में अलगाववादियों के फरमान का असर जम्मू संभाग के राजोरी, पुंछ, किश्तवाड़ और डोडा इलाकों में भी है। ईद पर कश्मीरियत की तहजीब की याद दिलाकर हालात को सामान्य बनाने की पहल की जा सकती थी, लेकिन, अलगाववादियों ने इस मुकद्दस मौके को भी अपनी हड़ताल के कलेंडर में नहीं बख्शा। ईद-उल-अजहा के मौके पर अलगाववादियों ने श्रीनगर स्थित संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय तक मार्च का एलान किया है।

उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के निर्देश

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राहगीरों से पूछताछ करते सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI
सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक उपद्रवियों ने ईद के मौके पर हिंसा भड़काने के लिए प्रदर्शन और बंद का एलान किया है। तनाव बढ़ सकता है।

गृह मंत्रालय की ओर से इस बाबत रियासत सरकार को एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

रियासत सरकार के सूत्रों ने बताया कि अलगाववादियों को यूएन कार्यालय तक मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अलगाववादियों के अधिकांश बड़े नेता नजरबंद हैं और जेल में हैं। दूसरी पंक्ति के नेताओं ने प्रदर्शन की कोशिश की तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। ईद में खलल डालकर अलगाववादी पाकिस्तान और आतंकियों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए सरकार ने सख्ती का निर्णय लिया है।
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जबरन बंद करवाई जा रहीं दुकानें

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घाटी में हिंसा - फोटो : PTI
श्रीनगर में यूनाइटेटड नेशंस मिलिट्री आब्जर्बर ग्रुप आफ इंडिया एंड पाकिस्तान के कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई है। रियासत सरकार ने पाबंदियों में ढील देकर ईद के लिए खरीददारी का मौका दिया, लेकिन, बाजारों में रौनक नहीं लौटी। कश्मीर में ईद के मौके पर यह फीकापन पिछले कई दशकों में नहीं देखा गया।

श्रीनगर, अनंतनाग, शोपियां और घाटी के तमाम प्रमुख स्थानों पर ईद की खरीददारी नहीं के बराबर हुई है। इस मौके पर हर साल बड़ी संख्या में बकरों की खरीददारी होती थी, लेकिन, इस बार पिछले साल की तुलना में दस प्रतिशत से भी कम खरीददारी हुई। श्रीनगर में बेकरी और मिठाइयों की दुकानें भी नहीं खुलीं। कुछ दुकानें शाम के वक्त खुलीं तो उग्र युवकों ने जबरन बंद करा दिया। 

पीडीपी के प्रवक्ता और रियासत सरकार के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने अमर उजाला से कहा कि ईद में खलल डालने की कोशिश गलत है। अलगाववादियों ने इस बार हड़ताल को 16 सितंबर तक बढ़ाई है। हर बार सप्ताह का कलेंडर जारी हो रहा है। स्कूल कालेज बंद हैं। बंद और हड़ताल के आयोजकों के कारण कश्मीर की नई पीढ़ी के भविष्य पर ग्रहण लग गया है। 
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