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शहीद के पिता बोले, 'बेटे की शहादत पर गर्व पर आतंकवाद पर सरकार की नीति से संतुष्ट नहीं'
ब्यूरो, अमर उजाला/उधमपुर
Updated Sun, 14 Aug 2016 10:03 PM IST
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अपने बेटे को सलाम करते तुषार के पिता
- फोटो : File Photo
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पांपोर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए उधमपुर के सपूत कैप्टन तुषार महाजन को शौर्य चक्र (मरणोपरांत) देने की घोषणा से शहीद के अभिभावक गर्व महसूस कर रहे हैं। लेकिन, आतंकवाद पर सरकार की नीति से शहीद का परिवार संतुष्ट नहीं।
कैप्टन तुषार के पिता देवराज गुप्ता और मां आशा रानी ने कहा देश पर कुर्बान होने का मौका किसी किसी को ही मिलता है। उन्हें बेटे की कुर्बानी पर नाज है। पर सरकार से वह यह भी पूछना चाहते हैं कि आतंकवाद से जूझने के नाम पर और कितने बेटे कुर्बान करने होंगे।
सरकार की नीति से सख्ती लाने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा ढाई दशक के आतंकवाद में जितने बेटे कुर्बान हुए हैं उतने तो कारगिल युद्ध में भी शहीद नहीं हुए। उनका अपना बेटा देश पर कुर्बान हो चुका है लेकिन कश्मीर के हालात तो और बिगड़ गए हैं।
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कैप्टन तुषार के पिता देवराज गुप्ता और मां आशा रानी ने कहा देश पर कुर्बान होने का मौका किसी किसी को ही मिलता है। उन्हें बेटे की कुर्बानी पर नाज है। पर सरकार से वह यह भी पूछना चाहते हैं कि आतंकवाद से जूझने के नाम पर और कितने बेटे कुर्बान करने होंगे।
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सरकार की नीति से सख्ती लाने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा ढाई दशक के आतंकवाद में जितने बेटे कुर्बान हुए हैं उतने तो कारगिल युद्ध में भी शहीद नहीं हुए। उनका अपना बेटा देश पर कुर्बान हो चुका है लेकिन कश्मीर के हालात तो और बिगड़ गए हैं।
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तुषार ने युवाओं को दिया संदेश
शहीद कैप्टन तुषार महाजन
- फोटो : File Photo
उन्होंने कहा देश की रक्षा-सुरक्षा के लिए जान कुर्बान करना तो ठीक है लेकिन आतंकवाद पर सरकारी की सख्ती भी होनी चाहिए। ऐसे हालात और बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया है। सरकार को ठोस कदम उठाते हुए एक ही बार में कठोर फैसला लेना होगा। तभी देश के वीरों की शहादत रंग लाएगी।
उन्होंने देश के युवा वर्ग को देश सेवा करने के लिए सेना में भर्ती होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि देश को युवा वर्ग की जरूरत है।
जब एक आम आदमी देश सेवा करने के लिए पिछे नहीं हट रहा है तो युवा वर्ग को अपनी सोच को बदलते हुए देश की सेना को ओर मजबूत बनाने व देश सेवा करने के लिए सेना में भर्ती होना होगा। तभी शहीदों की शहादत रंग लाएगी, तभी भारत में आपसी भाईचारा कायम रह सकता है।
उन्होंने देश के युवा वर्ग को देश सेवा करने के लिए सेना में भर्ती होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि देश को युवा वर्ग की जरूरत है।
जब एक आम आदमी देश सेवा करने के लिए पिछे नहीं हट रहा है तो युवा वर्ग को अपनी सोच को बदलते हुए देश की सेना को ओर मजबूत बनाने व देश सेवा करने के लिए सेना में भर्ती होना होगा। तभी शहीदों की शहादत रंग लाएगी, तभी भारत में आपसी भाईचारा कायम रह सकता है।