फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   border villagers asked on their difficulties on border

सरहदी लोगों ने कहा, बारिश की तरह होती गोलाबारी, जिंदगियां केवल भगवान भरोसे

Fri, 04 Nov 2016 02:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Fri, 04 Nov 2016 02:37 PM IST
विज्ञापन
border villagers asked on their difficulties on border
border - फोटो : PTI

भारी गोलाबारी और चारों तरफ चीखपुकार और आंखों के सामने जिंदगियों को दम तोड़ते देखने के बाद सरहदी इलाकों के लोगों का यहां पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। वहीं नाराजगी अपनों से भी कम नहीं है। मलाल यहां तक है कि सरकार और प्रशासन जो दिखाता है, वह होता नहीं। राहत शिविरों में असुविधाओं को लेकर भी नाराजगी है तो गोलाबारी में नुकसान झेल रहे लोगों की कोई सुध न लिए जाने पर भी रोष कम नहीं है। 

विज्ञापन


सांबा जिले के सीमावर्ती गांव रंगूर कैंप के सुरजीत सिंह का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से बारिश की तरह बम गिराए जा रहे हैं। लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिल रहा। परिवार उजड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार केवल लोगों को पीछे चले जाने को कहते हैं।
विज्ञापन


पीछे कहां जाएं, कहां जगह है। सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जगह दे तो लोग जाने को तैयार हैं। गोलाबारी में जो दुधारू मवेशी मरता है, उसकी कीमत एक लाख तक होती है, जबकि मुआवजा मिलता है दस हजार रुपये।

विज्ञापन
विज्ञापन

'सीमांत इलाकों के लोगों को चारों तरफ से मार'

border villagers asked on their difficulties on border
border - फोटो : PTI

वहीं देव स्थान स्वांखा में बने राहत शिविर में ठहरे लोगों ने कहा पाकिस्तान का डिफेंस मजबूत है। सीमा पर बीएसएफ जवानों तक के लिए पक्के बंकरों की कमी है। सीमावर्ती लोगों की तो बात ही छोड़िए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन केवल बयानों में ही नजर आता है। सीमांत इलाकों के लोगों को चारों तरफ से मार पड़ रही है।

पाक गोलाबारी में कब किसकी जान जाएगी पता नही। फसलें खराब हो रही हैं। मवेशी मर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। खाने-पीने का बंदोबस्त तक नहीं है। सीमावर्ती गांव एसएम पुर के जगदीश राज, गोविंदगढ़ के तसवीर सिंह और रंगूर कैंप के राम सिंह का कहना है कि भारत या तो पाकिस्तान से युद्ध कर उसे सबक सिखाए या सीमावर्ती इलाकों के लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। 

सरहदी इलाकों के लोग जहां सत्तापक्ष से नाराज हैं, वहीं विपक्ष के प्रति भी उनमें रोष है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और अन्य कांग्रेस नेताओं पर भी रंगूर कैंप में कुछ सरहदी इलाकों के लोगों ने सवाल दागे। लोगों ने आजाद से कहा कि आप भी सत्ता में रहते हुए सीमावर्ती इलाकों के दौरे पर आए। कई वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed