पुलिस की लापरवाही से 5 दिन से अस्पताल में पड़ी युवती की लाश की नहीं हो पाई शिनाख्त
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जीएमसी अस्पताल की मॉर्चरी (शवगृह) में पांच दिन से एक विवाहित युवती की लावारिस लाश पड़ी है। अभी तक इसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। इन पांच दिनों में पुलिस ने पहचान के लिए मृतका का फोटो तक अखबारों में छपवाना जरूरी नहीं समझा। अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किए जाने से मौत के कारणों का भी पता नहीं चल सका है।
अलबत्ता सीसीटीवी के फुटेज से इतना जरूर पता चला है कि एक काले रंग की क्वालिस गाड़ी में उक्त महिला को अस्पताल तक लाया गया। दो लोग वाहन से बाहर निकले। एक स्ट्रेचर लिया। महिला को स्ट्रेचर पर डाला और वहीं छोड़कर भाग निकले। संभवत: उन्हें उम्मीद रही होगी कि युवती जिंदा है और बचा ली जाएगी।
कई घंटों तक लावारिस पड़े रहने के बाद अस्पताल के स्टाफ की नजर युवती पर पड़ी। चेकअप किया गया, तब तक उसकी जान जा चुकी थी। मृतका लाल रंग का कुर्ता और हरे रंग की सलवार पहने है। हाथों में चूड़ा है। पैरों और हाथों में मेहंदी भी लगी है।
दूसरे जिले की महिला होने का शक
एसएसपी डा. सुनील गुप्ता के अनुसार महिला की शिनाख्त के लिए विभिन्न थानों से पूछताछ की जा रही थी। किसी भी थाने में ऐसी किसी युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है। किसी थाने से कोई रिपोर्ट नहीं मिलने के बाद उसका फोटो जारी किया गया है। सोमवार तक अगर महिला की शिनाख्त नहीं हुई तो उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
उसके बाद संस्कार भी पुलिस कराएगी। महिला के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। क्वालिस के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को मौत के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मिल सकेंगे।
सामान्यत: लावारिस की शिनाख्त के लिए लाश मिलने के बाद 72 घंटे से पहले समाचार पत्रों, टीवी में फोटो जारी किया जाता है। जिले के थानों में गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट न होने से ऐसा लग रहा है कि उक्त युवती किसी दूसरे राज्य से आई हुई हो सकती है।