कश्मीर हिंसा के चलते इस बार अमरनाथ यात्रा का 13 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले तेरह वर्ष में इस बार अमरनाथ यात्रा में सबसे कम श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन को गए। अब तक 2.19 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच चुके हैं। रक्षाबंधन पर यात्रा की समाप्ति के लिए सिर्फ आठ दिन शेष बचे हैं।
जिससे ढाई लाख तक भी यह आंकड़ा पहुंचना मुश्किल है। कश्मीर हिंसा से यात्रियों की संख्या में लगातार कटौती हुई है। घाटी में खराब हालात ने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को कदम रोके हैं। उपद्रवियों द्वारा यात्रियों को कई बार निशाना बनाने की कोशिशें की गईं।
इससे पूर्व वर्ष 2007 में तीन लाख से कम 2.96 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचे थे। जबकि वर्ष 2011 में 45 दिन की यात्रा में आलटाइम रिकार्ड 6.36 लाख यात्रियों ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए थे।
घाटी के खराब हालात ने रोके बाबा के भक्तों के कदम
दो जुलाई को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के कुछ दिन बाद ही घाटी में कुख्यात आतंकी बुरहान की मुठभेड़ में मौत के बाद हालात खराब हो गए। पिछले कई हफ्तों से घाटी में तनाव बरकरार है। यात्रा के 21 दिन बाद ही पारंपरिक बालटाल और पहलगाम से रोजाना दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या घटकर औसत पांच हजार के करीब रह गई थी।
लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या लगातार गिरती गई और आखिर में दो से तीन सौ ही श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं। कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के चलते अमरनाथ यात्रा को पांच बार रोकना पड़ा। रामबन और बनिहाल के बीच कई बार यात्रियों को रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजारनी पड़ी।
सुरक्षा कारणों से पारंपरिक पहलगाम रूट पर भी कई दिन यात्रा बंद रखी गई, जिससे बालटाल से ही यात्रियों को पवित्र गुफा तक पहुंचना पड़ा। इस बार मौसम ने यात्रा में ज्यादा रुकावट नहीं डाली है। अमूमन हर बार खराब मौसम के कारण हाईवे बंद होने से यात्रा स्थगित करनी पड़ी है।
वर्ष श्रद्धालु (लाख)
2001 1.09 लाख
2002 1.10
2003 1.70
2004 4.00
2005 3.88
2006 3.47
2007 2.96
2008 5.33
2009 3.81
2010 4.55
2011 6.36 (रिकार्ड)
2012 6.20
2013 3.53
2014 3.72
2015 3.52