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लद्दाख में 8500 ईसा पूर्व की कैंपिंग साइट मिली
एजेंसी/लेह
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:10 PM IST
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कैंप साइट की खोज में जुटे एएसआई के अधिकारी
- फोटो : ANI
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में 8500 ईसा पूर्व पुराना शिविर स्थल ढूंढा है।
इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र में 10,500 वर्ष पहले भी मानव इस इलाके में अस्थायी शिविर लगाकर रहते थे।
एएसआई के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सासर ला से लद्दाख के रास्ते में समुद्र तल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर इस प्राचीन शिविर स्थल को ढूंढा गया है।
2015-16 में नुब्रा घाटी में तलाश के दौरान एएसआई के संयुक्त महानिदेशक एसबी ओटा ने एक खंड में जली हुई चीजों की परत पाई तो सड़क निर्माण के कारण उजागर हुई। यहां के चारकोल के नमूने को फ्लोरिडा स्थित बीटा लैब में रेडियोकार्बन के लिए भेजा गया।
यहां पता चला कि यह चारकोल 8500 ईसा पूर्व का है। इस सबूत के महत्व को देखते हुए पिछले महीने एएसआई अधिकारियों को आगे की जांच के लिए वहां भेजा गया था।
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इससे संकेत मिलता है कि इस क्षेत्र में 10,500 वर्ष पहले भी मानव इस इलाके में अस्थायी शिविर लगाकर रहते थे।
एएसआई के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सासर ला से लद्दाख के रास्ते में समुद्र तल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर इस प्राचीन शिविर स्थल को ढूंढा गया है।
2015-16 में नुब्रा घाटी में तलाश के दौरान एएसआई के संयुक्त महानिदेशक एसबी ओटा ने एक खंड में जली हुई चीजों की परत पाई तो सड़क निर्माण के कारण उजागर हुई। यहां के चारकोल के नमूने को फ्लोरिडा स्थित बीटा लैब में रेडियोकार्बन के लिए भेजा गया।
यहां पता चला कि यह चारकोल 8500 ईसा पूर्व का है। इस सबूत के महत्व को देखते हुए पिछले महीने एएसआई अधिकारियों को आगे की जांच के लिए वहां भेजा गया था।