जम्मू-कश्मीर में स्वाइन फ्लू के खतरे के मद्देनजर जारी हुई एडवाइजरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत में पारे में गिरावट आने के साथ स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। संभाग के दस जिलों में जिला और उपजिला अस्पतालों के अलावा अन्य चिकित्सा केंद्रों को स्वास्थ्य निदेशालय ने एडवाइजरी जारी करके करके सभी उचित इंतजाम करने को कहा है। इसमें जिला अस्पताल में एच1एन1 पीड़ितों के लिए दस और उपजिला अस्पतालों में पांच आइसोलेट बेड स्थापित किए जाएंगे।
एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी में आइसोलेट यूनिट स्थापित होगा। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. गुरजीत सिंह सूदन के अनुसार स्वाइन फ्लू के लिए पीड़ितों को उचित चिकित्सा सुविधाएं देने को सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। रियासत में वर्ष 2014 में रिकार्ड स्वाइन फ्लू के मामले आए थे, लेकिन पिछले साल इसमें राहत रही, मगर तापमान में गिरावट के साथ सभी सतर्कता बरती जा रही हैं।
इसके लिए संबंधित स्टाफ को सुरक्षित रखने को चिकित्सा केंद्रों में वैक्सीन भेजी गई हैं। यह वैक्सीन कर्मियों को पहले ही लगाई जाती है, ताकि संदिग्ध मरीजों के आने पर वे उनके सुरक्षित वातावरण में चिकित्सा दे सकें।
टेस्ट के लिए हिमाचल प्रदेश की लैब पर निर्भर
गांधीनगर, सरवाल और सांबा अस्पताल में वैक्सीन भेजने के साथ अन्य केंद्रों में यह काम किया जा रहा है। जिला और उपजिला अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य निदेशालय में टैमीफ्लू, मास्क, प्रोटेक्शन किट आदि जरूरी सामग्री का स्टाक इकट्ठा किया जा रहा है।
हालांकि इस साल भी संदिग्ध मरीजों के खून और थूक के टेस्ट के लिए हिमाचल प्रदेश की एक लैबोरेटरी पर निर्भर रहना पड़ेगा। पिछले तीन साल में जीएमसी में अपनी स्वाइन फ्लू टेस्टिंग लैबोरेटरी शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा माइक्रोबायोलाजी विभाग की अतिरिक्त एक लैब में भी यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।