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जम्मू-कश्मीर तक पहुंची बर्ड फ्लू की दहशत
ब्यूरो, अमर उजाला/कठुआ
Updated Sat, 22 Oct 2016 10:30 PM IST
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Alert of bird flu in Jammu kashmir
- फोटो : Demo Pic
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बर्ड फ्लू का डर दिल्ली से चलकर जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गया है। राज्य में आने वाले पोल्ट्री उत्पाद को पूर्ण निरीक्षण और सभी जांच सुनिश्चित किए जाने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।
राज्य सरकार की ओर से विभागों को सतर्क कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में गहन जांच की जा रही है।
दिन में तापतान अधिक होने के कारण अधिकतर रात के समय ही पोल्ट्री उत्पाद राज्य में प्रवेश करते हैं। ऐसे में लखनपुर में स्थापित जांच केंद्र में आने वाले पोल्ट्री वाहनों में पक्षियों की सेहत और परिस्थितियों की जांच हो रही है। रक्त के नमूने जांच के लिए रूटीन में भोपाल लैब में भी भेजे जा रहे हैं।
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राज्य सरकार की ओर से विभागों को सतर्क कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में गहन जांच की जा रही है।
दिन में तापतान अधिक होने के कारण अधिकतर रात के समय ही पोल्ट्री उत्पाद राज्य में प्रवेश करते हैं। ऐसे में लखनपुर में स्थापित जांच केंद्र में आने वाले पोल्ट्री वाहनों में पक्षियों की सेहत और परिस्थितियों की जांच हो रही है। रक्त के नमूने जांच के लिए रूटीन में भोपाल लैब में भी भेजे जा रहे हैं।
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पोल्ट्री बर्ड को लाने के लिए सर्टिफिकेट जरूरी
मुर्गा
- फोटो : File Photo
रेंडरपेस्ट चेक पोस्ट लखनपुर के एक डाक्टर ने बताया कि 2003-04 के दौरान बर्ड फ्लू की रोकथाम और जांच के लिए लखनपुर में चेक पोस्ट को स्थापित किया गया था। तब से आज तक लगातार चौबीस घंटे राज्य में आने वाले पोल्ट्री की जांच की जाती है और खून के नमूने भारत सरकार की हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भोपाल में भेजे जाते हैं।
उन्होंने बताया कि आज तक पक्षियों से मनुष्यों में इस वायरस के फैलने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी प्रबंध किए जाते हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वर्ष 2015-16 में कुल 7,07,96,841 पोल्ट्री बर्ड राज्य में पहुंचे थे, जिनमें एक दिन के पोल्ट्री बर्ड यानी चूजों की संख्या 6,14,03,425 थी। औसतन साल के हर महीने समान रूप से राज्य में पोल्ट्री उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों से जम्मू कश्मीर पहुंचते हैं जिन्हें वाहन में लादने से पहले डाक्टर जांच कर सर्टिफिकेट भी जारी करता है।
उन्होंने बताया कि आज तक पक्षियों से मनुष्यों में इस वायरस के फैलने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी प्रबंध किए जाते हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वर्ष 2015-16 में कुल 7,07,96,841 पोल्ट्री बर्ड राज्य में पहुंचे थे, जिनमें एक दिन के पोल्ट्री बर्ड यानी चूजों की संख्या 6,14,03,425 थी। औसतन साल के हर महीने समान रूप से राज्य में पोल्ट्री उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों से जम्मू कश्मीर पहुंचते हैं जिन्हें वाहन में लादने से पहले डाक्टर जांच कर सर्टिफिकेट भी जारी करता है।