{"_id":"574f0eac4f1c1b1f5c108e0a","slug":"625-crore-loss-suffered-during-the-flood","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में बाढ़ के दौरान अस्पतालों को पहुंचा 625 करोड़ का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में बाढ़ के दौरान अस्पतालों को पहुंचा 625 करोड़ का नुकसान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 01 Jun 2016 10:05 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत
- फोटो : File Photo
जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने बुधवार को विधान परिषद में कहा कि सितंबर 2014 में कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़ में कश्मीर संभाग में अस्पतालों को 625.78 करोड़ का नुकसान पहुंचा है।
अस्पतालों को पहुंचे नुकसान का ब्रेकअप देते हुए उन्होंने कहा कि जीएमसी श्रीनगर और एसोसिएटेड अस्पताल को 267.96 करोड़ का नुकसान, जबकि स्किस को 322.74 करोड़ का नुकसान पहुंचा था। साथ ही यह जानकारी भी दी कि गवर्नमेंट डेंटल कालेज को 16.50 करोड़, जबकि डीएचएस कश्मीर के अंतर्गत आने वाले अन्य स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को 18.58 करोड़ का नुकसान पहुंचा था।
एमएलसी कैसर जमशीद लोन द्वारा उठाये गए सवाल का जवाब देते हुए बाली भगत ने विधान परिषद में कहा कि 270.22 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले उपकरण और सिविल कार्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष और एचएलएल लिमिटेड के माध्यम से राष्ट्रीय राहत कोष द्वारा बहाल कराया गया, जबकि 15.53 करोड़ की राशि पीएमएनआरएफ के तहत खराब उपकरणों को ठीक करने के लिए जारी की गई है।
विज्ञापन
एमएलसी द्वारा इंडोर/आउटडोर पेशेंट इन लो और इंफ्रास्ट्रक्चर/मैनपॉवर को लेकर पूछे गए सप्लीमेंट्री के जवाब में मंत्री ने कहा कि जीएमसी श्रीनगर में वर्ष 2014-15 और 2015-16 में पेशेंट इन लो 2 लाख 37 हजार रहा। जबकि जीएमसी के एसोसिएटेड अस्पताल में यह लो 37 लाख 56 हजार रहा।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि स्किस का कुल इन लो 60 लाख 51 हजार रहा। मंत्री ने यह भी कहा कि इतने बड़े नुकसान के बाद भी इन अस्पतालों में जरूरी बुनियादी ढांचा और मैनपॉवर प्रदान किया गया है ताकि रोगियों की बढ़ती भीड़ को आसानी से संभाला जा सके।
विज्ञापन
अस्पतालों को पहुंचे नुकसान का ब्रेकअप देते हुए उन्होंने कहा कि जीएमसी श्रीनगर और एसोसिएटेड अस्पताल को 267.96 करोड़ का नुकसान, जबकि स्किस को 322.74 करोड़ का नुकसान पहुंचा था। साथ ही यह जानकारी भी दी कि गवर्नमेंट डेंटल कालेज को 16.50 करोड़, जबकि डीएचएस कश्मीर के अंतर्गत आने वाले अन्य स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को 18.58 करोड़ का नुकसान पहुंचा था।
विज्ञापन
एमएलसी कैसर जमशीद लोन द्वारा उठाये गए सवाल का जवाब देते हुए बाली भगत ने विधान परिषद में कहा कि 270.22 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले उपकरण और सिविल कार्य को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष और एचएलएल लिमिटेड के माध्यम से राष्ट्रीय राहत कोष द्वारा बहाल कराया गया, जबकि 15.53 करोड़ की राशि पीएमएनआरएफ के तहत खराब उपकरणों को ठीक करने के लिए जारी की गई है।
विज्ञापन
एमएलसी द्वारा इंडोर/आउटडोर पेशेंट इन लो और इंफ्रास्ट्रक्चर/मैनपॉवर को लेकर पूछे गए सप्लीमेंट्री के जवाब में मंत्री ने कहा कि जीएमसी श्रीनगर में वर्ष 2014-15 और 2015-16 में पेशेंट इन लो 2 लाख 37 हजार रहा। जबकि जीएमसी के एसोसिएटेड अस्पताल में यह लो 37 लाख 56 हजार रहा।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि स्किस का कुल इन लो 60 लाख 51 हजार रहा। मंत्री ने यह भी कहा कि इतने बड़े नुकसान के बाद भी इन अस्पतालों में जरूरी बुनियादी ढांचा और मैनपॉवर प्रदान किया गया है ताकि रोगियों की बढ़ती भीड़ को आसानी से संभाला जा सके।