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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   33 cases of dengue registered in jammu nad kashmir

जम्मू में डेंगू का खतरा बढ़ा, 33 पॉजिटिव मामले आए सामने

Sat, 08 Oct 2016 04:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 08 Oct 2016 04:08 PM IST
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33 cases of dengue registered in jammu nad kashmir
डेंगू का खतरा - फोटो : Demo Pic.
जम्मू संभाग में डेंगू का शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले दो माह में डेंगू के 33 पाजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा और जम्मू में डेंगू दस्तक दे चुका है। अब तक 331 संदिग्ध मरीजों के खून के सैंपल भेजे गए हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी दस जिलों में जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। 
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जम्मू में सबसे अधिक डेंगू के मच्छर ने डंक मारा है। यहां 16 लोग डेंगू से पाजिटिव हो चुके हैं। कठुआ में 11, सांबा में तीन, डोडा में दो और उधमपुर में एक डेंगू का मामला आया है। जिला अस्पतालों और अन्य चिकित्सा केंद्रों पर बुखार से पीड़ित मरीजों पर खास नजर रखी जा रही है।
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इसमें डेंगू के लक्षणों से पीड़ित गंभीर मरीजों को जम्मू रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य निदेशक डा. गुरजीत सिंह सूदन के अनुसार डेंगू के अधिकांश पाजिटिव मामले बाहर से आए हैं। इनमें कई विद्यार्थी और अन्य वर्ग के लोग शामिल हैं। 
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2013 में सामने आए थे करीब 400 पाजिटिव मामले

33 cases of dengue registered in jammu nad kashmir
डेंगू का खतरा - फोटो : File Photo
ये मरीज दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों से डेंगू से पीड़ित होकर राज्य में पहुंचे हैं। इनमें लगभग सभी मामलों में चिकित्सा देकर पीड़ितों को घर भेज दिया गया है। पीड़ित के आवास के आसपास के पचास घरों में मच्छरों के खिलाफ विशेष सर्विलांस अभियान चलाया गया है। हालांकि राहत यह है कि अभी तक राज्य में डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। 

जम्मू संभाग में वर्ष 2013 में डेंगू के करीब 400 पाजिटिव मामले सामने आए थे। उस समय हालत यह हो गई थी कि आम लोगों में डेंगू की दहशत को कम करने के लिए सरकार को अक्तूबर 2013 में निजी लैबों में डेंगू बुखार की जांच के लिए रेपिड टेस्ट (एनएस1) पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था।

एलिजा राइडर टेस्ट (1 जीएम) में ही डेंगू के पाजिटिव होने की पुष्टि होती है। रेपिड टेस्ट में अन्य बुखार से डेंगू पाजिटिव आ जाता है। डेंगू के लिए एडीज एजिप्टी मच्छर जिम्मेदार होता है, जबकि मलेरिया का मुख्य कारण मादा मच्छर एनाफेलीज बनती है। 

 
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