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हिंसा से जम्मू-कश्मीर को 10 हजार करोड़ का झटका, कई बड़े प्रोजक्ट रुके
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 26 Oct 2016 12:37 AM IST
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घाटी में हिंसा जारी
- फोटो : PTI
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हिंसा और उपद्रव से जम्मू कश्मीर को लगभग 10 हजार करोड़ का झटका लगा है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से कश्मीर घाटी में तमाम विकास प्रोजेक्ट ठप हो गए हैं।
एशियन डेवलपमेंट बैंक समेत अन्य विदेशी एजेंसियों की सहायता से चलने वाले विकास प्रोजेक्टों को भी भारी नुकसान हुआ है। पर्यटन व्यवसाय चौपट हो चुका है। पर्यटन का पीक सीजन हिंसा की भेंट चढ़ गया। रेलवे और सड़क प्रोजेक्टों को झटका लगा है।
रेलवे संपत्ति भी क्षतिग्रस्त हुई है। शिक्षा क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो पा रही है। जम्मू कश्मीर सरकार ने नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। केंद्र सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए सहायता की मांग होगी।
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सूत्रों के मुताबिक घाटी हिंसा में 500 से अधिक सरकारी भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी क्षति पहुंची है। इसमें शिक्षा विभाग, पुलिस और अन्य महकमों की संपत्तियां शामिल हैं। आतंकी संगठनों की शह पर उपद्रवी तत्व अब भी सत्ता प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। स्कूल भवनों में आग लगाई जा रही है। पेयजल के लिए बनाए गए पीएचई के फिल्ट्रेशन प्लांटों को भी आग के हवाले किया गया है।
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एशियन डेवलपमेंट बैंक समेत अन्य विदेशी एजेंसियों की सहायता से चलने वाले विकास प्रोजेक्टों को भी भारी नुकसान हुआ है। पर्यटन व्यवसाय चौपट हो चुका है। पर्यटन का पीक सीजन हिंसा की भेंट चढ़ गया। रेलवे और सड़क प्रोजेक्टों को झटका लगा है।
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रेलवे संपत्ति भी क्षतिग्रस्त हुई है। शिक्षा क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो पा रही है। जम्मू कश्मीर सरकार ने नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। केंद्र सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए सहायता की मांग होगी।
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सूत्रों के मुताबिक घाटी हिंसा में 500 से अधिक सरकारी भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी क्षति पहुंची है। इसमें शिक्षा विभाग, पुलिस और अन्य महकमों की संपत्तियां शामिल हैं। आतंकी संगठनों की शह पर उपद्रवी तत्व अब भी सत्ता प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। स्कूल भवनों में आग लगाई जा रही है। पेयजल के लिए बनाए गए पीएचई के फिल्ट्रेशन प्लांटों को भी आग के हवाले किया गया है।
हिंसा से हुए नुकसान की बन रही आकलन रिपोर्ट : मुख्य सचिव
kashmir
- फोटो : PTI
पंपोर में आतंकियों ने उद्यमी विकास संस्थान (ईडीआई) को कब्जे में लिया था। कुशल उद्यमी तैयार करने वाले इस संस्थान का भवन आतंकियों को समाप्त करने के क्रम में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। इसी तरह आतंकियों से राजोरी में मिनी सचिवालय भवन को मुक्त करने में भारी नुकसान पहुंचा।
आतंकियों की शह पर उपद्रवियों ने विकास प्रोजेक्टों को निशाने पर लिया। एशियन बैक की मदद से शहरी विकास को गति देने के लिए पेयजल, सेनीटेशन, कचरा प्रबंधन, शहरी ट्रंासपोर्ट और म्यूनिसपल सेवाओं में सुधार के कई प्रोजेक्ट रियासत में चल रहे हैं। हिंसा के कारण ये प्रोजेक्ट ठप हो गए। उपद्रवियों ने मंत्रियों के आवासों में भी तोड़पोड़ की है। यह सिलसिला अभी जारी है। कश्मीर घाटी में केंद्र सरकार प्रायोजित कार्यक्रमों में साढ़े तीन माह से प्रगति शून्य रही है।
जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बी आर शर्मा ने कहा कि कश्मीर हिंसा से कई हजार करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक से सहायता के लिए प्रोजेक्ट प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अवधि खत्म हो गई है। अब यह राशि कहां से आएगी, इस पर विचार करना होगा। टूरिज्म, एजूकेशन से लेकर विकास प्रोजे्क्टों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का क्रम अभी जारी है। आकलन रिपोर्ट तैयार होने के बाद भरपाई के उपायों पर विचार होगा।
आतंकियों की शह पर उपद्रवियों ने विकास प्रोजेक्टों को निशाने पर लिया। एशियन बैक की मदद से शहरी विकास को गति देने के लिए पेयजल, सेनीटेशन, कचरा प्रबंधन, शहरी ट्रंासपोर्ट और म्यूनिसपल सेवाओं में सुधार के कई प्रोजेक्ट रियासत में चल रहे हैं। हिंसा के कारण ये प्रोजेक्ट ठप हो गए। उपद्रवियों ने मंत्रियों के आवासों में भी तोड़पोड़ की है। यह सिलसिला अभी जारी है। कश्मीर घाटी में केंद्र सरकार प्रायोजित कार्यक्रमों में साढ़े तीन माह से प्रगति शून्य रही है।
जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बी आर शर्मा ने कहा कि कश्मीर हिंसा से कई हजार करोड़ के प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक से सहायता के लिए प्रोजेक्ट प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अवधि खत्म हो गई है। अब यह राशि कहां से आएगी, इस पर विचार करना होगा। टूरिज्म, एजूकेशन से लेकर विकास प्रोजे्क्टों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का क्रम अभी जारी है। आकलन रिपोर्ट तैयार होने के बाद भरपाई के उपायों पर विचार होगा।