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सिकुड़ते वेटलैंड पर हाईकोर्ट गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 11 Feb 2015 11:56 AM IST
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रियायत के वेटलैंड पर हो रहे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एन पाल वसंथाकुमार और बंसी लाल भट्ट वाली खंडपीठ ने डिवकाम जम्मू को दो हफ्तों तक इस पर रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। रतन सिंह और अन्य ने वेटलैंड पर हो रहे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
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इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए खंडपीठ ने मंगलवार को मंडलायुक्त जम्मू को रिपोर्ट देने को कहा। यह भी कहा कि यदि मंडलायुक्त खुद हाजिर नहीं होते तो अगली सुनवाई में किसी और को भेज सकते हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को सौंपे दस्तावेजों में बताया कि कश्मीर के अधिकतर वेटलैंड अतिक्रमण की वजह से सिकुड़ते जा रहे हैं।
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वुल्लर, सरुंइसर, मानसर, रामसर और सोबरारी वेटलैंड पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। दिन-ब-दिन अतिक्रमण से वेटलैंड का एरिया खत्म होता जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि घराना वेटलैंड, संग्राल, कुकरियां और नंगा में भी अतिक्रमण बढ़ रहा है। जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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वन्यजीव विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग को पूरी जानकारी होते हुए भी इस पर कुछ नहीं किया जा रहा। कश्मीर में पिछले महीनों आई बाढ़ को इसका एक बड़ा कारण बताया गया है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए खंडपीठ ने मंडलायुक्त से वेटलैंड को लेकर रिपोर्ट पेश करने के लिए है।