{"_id":"60c653198ebc3e17567a5a84","slug":"youth-burnt-effigy-of-union-minister-for-not-getting-employment-udhampur-news-jmu2372607105","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजगार न मिलने पर युवाओं ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजगार न मिलने पर युवाओं ने फूंका केंद्रीय मंत्री का पुतला
विज्ञापन
उधमपुर। देविका परियोजना के कार्य में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर युवाओं ने रविवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से युवाओं को पूरी तरह से नजर अंदाज कर किया जा रहा है। अन्य राज्यों से लोगों को बुलाकर काम करवाया जा रहा है। केंद्र सरकार की जितनी निंदा की जाए कम है।
दोपहर के समय पवन देव सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने बरियाल इलाके में केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंक कर नारेबाजी की। पवन देव सिंह ने कहा कि शनिवार को केंद्रीय पीएमओ राज्य मंत्री ने उधमपुर का दौरा किया था। इससे पहले ही जिला प्रशासन ने मंत्री के आदेश पर देविका नदी के तट पर मीडिया सहित अन्य लोगों के आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। उनको पता था कि देविका परियोजना के तहत किए जा रहे गलत कार्य के बारे में लोग आवाज बुलंद करेंगे और सवाल उठाएंगे। इसलिए कोरोना के नाम पर पाबदियां लगा दी गईं। देविका परियोजना के शुरू होने के बाद लगा था कि चार साल तक स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
यूईईडी अन्य राज्यों से लोगों को बुलाकर काम करवा रहा है। वहीं, परियोजना का काम गलत ढंग से हो रहा है, जिससे पूरा शहर परेशान है। शहरवासियों का तो घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शहर की ज्यादातर सड़कें व गलियां बदहाल हैं। जानकारी के बाद भी डा. जितेंद्र सिंह यूईईडी पर नकेल नहीं कस रहे हैं। इसलिए मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोपहर के समय पवन देव सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने बरियाल इलाके में केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंक कर नारेबाजी की। पवन देव सिंह ने कहा कि शनिवार को केंद्रीय पीएमओ राज्य मंत्री ने उधमपुर का दौरा किया था। इससे पहले ही जिला प्रशासन ने मंत्री के आदेश पर देविका नदी के तट पर मीडिया सहित अन्य लोगों के आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। उनको पता था कि देविका परियोजना के तहत किए जा रहे गलत कार्य के बारे में लोग आवाज बुलंद करेंगे और सवाल उठाएंगे। इसलिए कोरोना के नाम पर पाबदियां लगा दी गईं। देविका परियोजना के शुरू होने के बाद लगा था कि चार साल तक स्थानीय युवाओं को भी रोजगार मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
विज्ञापन
यूईईडी अन्य राज्यों से लोगों को बुलाकर काम करवा रहा है। वहीं, परियोजना का काम गलत ढंग से हो रहा है, जिससे पूरा शहर परेशान है। शहरवासियों का तो घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शहर की ज्यादातर सड़कें व गलियां बदहाल हैं। जानकारी के बाद भी डा. जितेंद्र सिंह यूईईडी पर नकेल नहीं कस रहे हैं। इसलिए मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन