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Udhampur News: हड़ताल से जिले के कई इलाकों में जल आपूर्ति बाधित रही
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उधमपुर। शहर के साकन बावली पर पानी लेने पहुंचे लोग: संवाद
स्थायी कर्मचारियों के सहारे आपूर्ति को बहाल रखना विभाग के लिए बना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जलशक्ति विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल के कारण शुक्रवार को जिला के कई इलाकों में जल आपूर्ति बाधित रही। विभाग स्थायी कर्मचारियों से दौड़धूप करवाकर जल आपूर्ति को बहाल रखने का प्रयास कर रहा है लेकिन इसमें पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पा रही।
आम जनता को पीने के पानी की सप्लाई न मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि शहर में नगर परिषद उधमपुर के क्षेत्राधिकार में इस हड़ताल का पहले दिन कोई खास प्रभाव नजर नहीं आया है। विभाग के स्थायी कर्मचारियों की ओर से शहर के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति को बहाल रखने का प्रयास किया गया है। लेकिन इसके बावजूद भारत नगर, पुलिस लाइन, हाउसिंग कालोनी के कुछ हिस्से, रेहम्ती इत्यादि आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित रही।
विभाग का कहना है कि आसपास के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी स्थायी कर्मचारियों की सहायता से जल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया गया है। तीन दिन की इस हड़ताल के दौरान प्रयास है कि रोटेशन वाइज जिला के तमाम हिस्सों में जल आपूर्ति बहाल रखी जाए जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, वीरवार रात आठ बजे से 72 घंटों की हड़ताल पर गए अस्थायी कर्मचारी अपने लंबित वेतन के भुगतान और स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे जल शक्ति विभाग के सामने में भी पेयजल सप्लाई को बहाल रखना चुनौती बन गया है।
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वहीं, पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे जिला के ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ गई है। खासकर ऐसे इलाके इस हड़ताल से अधिक प्रभावित हुए हैं जहां विभाग के अस्थायी कर्मचारियों के सहारे पानी की आपूर्ति की जाती है। अब इन अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से इन इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गया है। जिससे लोग आसपास के प्राकृतिक जलाशयों और लंबी दूरी तय कर नदी नालों से पानी ढोने को मजबूर हो गए हैं। अगले दो दिनों में ऐसे इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
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जल शक्ति विभाग पेयजल सप्लाई को बहाल रखने का हर संभव प्रयास कर रहा है। स्थायी कर्मचारियों के सहारे तमाम हिस्से में पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण इलाकों में आंशिक रूप से सप्लाई बाधित हुई है, रोटेशन वाइज तरीके से कही भी जल सप्लाई की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो टैंकरों के सहारे भी जल की आपूर्ति की जाएगी।
- संदीप गुप्ता, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग
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जिला में 80 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों के सहारे होती है। पहले दिन विभाग ने शहर में स्थायी कर्मचारियों से काम चलाकर सप्लाई को अधिक बाधित नहीं होने दिया है लेकिन रामनगर, मजालता, पंचैरी, चिनैनी आदि के अधिकतर ग्रामीण इलाकों की 70 प्रतिशत जल आपूर्ति ठप रही है। लोगों ने पहले दिन की आपूर्ति से बचे पानी के सहारे दिन गुजारा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि जल्द अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर राहत दिलाए अन्यथा आगे हड़ताल लंबी खिंच सकती है। जिससे जल आपूर्ति बाधित होने से हालात बिगड़ सकते हैं, क्योंकि विभाग पहले से कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है और मात्र 20 प्रतिशत स्थायी कमचारियों के सहारे आपूर्ति को बनाए रखना संभव नहीं है।
-सोमनाथ, जिला अध्यक्ष, जल शक्ति कर्मचारी एवं वर्कर्स एसोसिएशन उधमपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जलशक्ति विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल के कारण शुक्रवार को जिला के कई इलाकों में जल आपूर्ति बाधित रही। विभाग स्थायी कर्मचारियों से दौड़धूप करवाकर जल आपूर्ति को बहाल रखने का प्रयास कर रहा है लेकिन इसमें पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पा रही।
आम जनता को पीने के पानी की सप्लाई न मिलने से समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि शहर में नगर परिषद उधमपुर के क्षेत्राधिकार में इस हड़ताल का पहले दिन कोई खास प्रभाव नजर नहीं आया है। विभाग के स्थायी कर्मचारियों की ओर से शहर के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति को बहाल रखने का प्रयास किया गया है। लेकिन इसके बावजूद भारत नगर, पुलिस लाइन, हाउसिंग कालोनी के कुछ हिस्से, रेहम्ती इत्यादि आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित रही।
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विभाग का कहना है कि आसपास के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी स्थायी कर्मचारियों की सहायता से जल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया गया है। तीन दिन की इस हड़ताल के दौरान प्रयास है कि रोटेशन वाइज जिला के तमाम हिस्सों में जल आपूर्ति बहाल रखी जाए जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, वीरवार रात आठ बजे से 72 घंटों की हड़ताल पर गए अस्थायी कर्मचारी अपने लंबित वेतन के भुगतान और स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे जल शक्ति विभाग के सामने में भी पेयजल सप्लाई को बहाल रखना चुनौती बन गया है।
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वहीं, पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहे जिला के ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ गई है। खासकर ऐसे इलाके इस हड़ताल से अधिक प्रभावित हुए हैं जहां विभाग के अस्थायी कर्मचारियों के सहारे पानी की आपूर्ति की जाती है। अब इन अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से इन इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गया है। जिससे लोग आसपास के प्राकृतिक जलाशयों और लंबी दूरी तय कर नदी नालों से पानी ढोने को मजबूर हो गए हैं। अगले दो दिनों में ऐसे इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं।
जल शक्ति विभाग पेयजल सप्लाई को बहाल रखने का हर संभव प्रयास कर रहा है। स्थायी कर्मचारियों के सहारे तमाम हिस्से में पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण इलाकों में आंशिक रूप से सप्लाई बाधित हुई है, रोटेशन वाइज तरीके से कही भी जल सप्लाई की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो टैंकरों के सहारे भी जल की आपूर्ति की जाएगी।
- संदीप गुप्ता, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग
जिला में 80 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों के सहारे होती है। पहले दिन विभाग ने शहर में स्थायी कर्मचारियों से काम चलाकर सप्लाई को अधिक बाधित नहीं होने दिया है लेकिन रामनगर, मजालता, पंचैरी, चिनैनी आदि के अधिकतर ग्रामीण इलाकों की 70 प्रतिशत जल आपूर्ति ठप रही है। लोगों ने पहले दिन की आपूर्ति से बचे पानी के सहारे दिन गुजारा है। इसलिए सरकार को चाहिए कि जल्द अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर राहत दिलाए अन्यथा आगे हड़ताल लंबी खिंच सकती है। जिससे जल आपूर्ति बाधित होने से हालात बिगड़ सकते हैं, क्योंकि विभाग पहले से कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है और मात्र 20 प्रतिशत स्थायी कमचारियों के सहारे आपूर्ति को बनाए रखना संभव नहीं है।
-सोमनाथ, जिला अध्यक्ष, जल शक्ति कर्मचारी एवं वर्कर्स एसोसिएशन उधमपुर