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कोरोना को है हराना तो सुई से क्या डरना
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अजय गुप्ता--प्रिंसिपल निटल हायर सेकेंडरी स्कूल
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। कोरोना को मात देने के लिए स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण अभियान तेजी से जारी है। इस अभियान में युवाओं व बुजुर्गों के साथ बच्चे और किशोर वर्ग भी पूरा सहयोग कर रहा है। वे बिना डरे टीका लगवाने स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। इन्हें सुई का भी भय नहीं है। उनका कहना है कि कोरोना को यदि हराना है तो सुई से नहीं डरना है।
15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के निर्धारित लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग ने प्राप्त कर लिया है। जिले में सौ प्रतिशत किशोरों को पहली व दूसरी खुराक दी जा चुकी है। जबकि 12 से 14 वर्ष आयु के 60 प्रतिशत बच्चों को पहली खुराक लगाई जा चुकी है। टीका लगाने के बाद 15 से 17 वर्ष आयु के किशोर अब बिना डरे बोर्ड की परीक्षाएं भी दे रहे हैं।
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कोरोना का टीका हमारी सुरक्षा के लिए है। इसको लगाने के लिए सभी बच्चों और किशोरों को बिना डरे सामने आना चाहिए। सुई से डरने की जरूरत नहीं है। यह सुई हमारी सुरक्षा के लिए है। यदि कोरोना को हराना चाहते हो तो सुई से क्या डरना? हमने बिना डरे टीका लगवाया है और बिना डरे बोर्ड की परीक्षा भी दी है।
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रिजवान
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मुझे कोरोना का टीका स्कूल में ही लगाया गया था। सुई को लेकर डर था, लेकिन जब टीका लगाया गया तो दर्द का पता ही नहीं चला। टीका लगने के बाद मैं बिना किसी डर के स्कूल जा पाया और अपना पाठ्यक्रम पूरा कर पाया। कोरोना से बचने के लिए टीका बहुत जरूरी है।
साहिल
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कोरोना टीका लगने के बाद ही माता पिता ने बिना संकोच के मुझे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा है। इससे पहले उनको भी सुरक्षा की चिंता सताती थी। लेकिन, जब बच्चों और किशोरों को कोरोना टीका लगाने की अनुमति मिली तो माता पिता को भी राहत मिली। मैं कहना चाहूंगा कि सभी बच्चे और किशोर टीका जरूर लगवाएं।
अनिरुद्ध
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कोरोना टीका बच्चों की सुरक्षा के लिए है। इस बात को सभी को समझना होगा। कोरोना टीके के कारण ही आज सभी कोरोना संकट से उभरने में कामयाब रहे हैं। इसके लिए स्कूल प्रशासन की तरफ से भी बहुत प्रेरित किया गया है। कोरोना टीका लगाने की पूरी व्यवस्था की है।
इजाहत
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जब सरकार ने बच्चों और किशोरों के लिए टीका लगाने का आदेश दिया तो स्कूल प्रबंधक इसकी व्यवस्था करने में जुट गया था। इसी के चलते स्कूल में ही शिविर लगाकर सबका टीकाकरण करवाया गया। टीका लगाने के बाद बच्चों के आराम करने की भी पूरी व्यवस्था की गई थी।
- अनामिका गुप्ता, समन्वयक, निटल हायर सेकेंडरी स्कूल उधमपुर
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जब कोरोना टीका लगाने की घोषणा की गई तो बच्चे व किशोर भी उत्साह के साथ कोरोना टीका लगाने के लिए सामने आए। ऐसा लगा कि बच्चे इसको लेकर पहले से ही जागरूक हैं। विद्यार्थियों को भी समझ आ गया था कि कोरोना से बचाव टीकाकरण से ही संभव है।
- अजय गुप्ता, प्रधानाचार्य, निटल हायर सेकेंडरी स्कूल उधमपुर
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15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के निर्धारित लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग ने प्राप्त कर लिया है। जिले में सौ प्रतिशत किशोरों को पहली व दूसरी खुराक दी जा चुकी है। जबकि 12 से 14 वर्ष आयु के 60 प्रतिशत बच्चों को पहली खुराक लगाई जा चुकी है। टीका लगाने के बाद 15 से 17 वर्ष आयु के किशोर अब बिना डरे बोर्ड की परीक्षाएं भी दे रहे हैं।
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कोरोना का टीका हमारी सुरक्षा के लिए है। इसको लगाने के लिए सभी बच्चों और किशोरों को बिना डरे सामने आना चाहिए। सुई से डरने की जरूरत नहीं है। यह सुई हमारी सुरक्षा के लिए है। यदि कोरोना को हराना चाहते हो तो सुई से क्या डरना? हमने बिना डरे टीका लगवाया है और बिना डरे बोर्ड की परीक्षा भी दी है।
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रिजवान
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मुझे कोरोना का टीका स्कूल में ही लगाया गया था। सुई को लेकर डर था, लेकिन जब टीका लगाया गया तो दर्द का पता ही नहीं चला। टीका लगने के बाद मैं बिना किसी डर के स्कूल जा पाया और अपना पाठ्यक्रम पूरा कर पाया। कोरोना से बचने के लिए टीका बहुत जरूरी है।
साहिल
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कोरोना टीका लगने के बाद ही माता पिता ने बिना संकोच के मुझे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा है। इससे पहले उनको भी सुरक्षा की चिंता सताती थी। लेकिन, जब बच्चों और किशोरों को कोरोना टीका लगाने की अनुमति मिली तो माता पिता को भी राहत मिली। मैं कहना चाहूंगा कि सभी बच्चे और किशोर टीका जरूर लगवाएं।
अनिरुद्ध
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कोरोना टीका बच्चों की सुरक्षा के लिए है। इस बात को सभी को समझना होगा। कोरोना टीके के कारण ही आज सभी कोरोना संकट से उभरने में कामयाब रहे हैं। इसके लिए स्कूल प्रशासन की तरफ से भी बहुत प्रेरित किया गया है। कोरोना टीका लगाने की पूरी व्यवस्था की है।
इजाहत
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जब सरकार ने बच्चों और किशोरों के लिए टीका लगाने का आदेश दिया तो स्कूल प्रबंधक इसकी व्यवस्था करने में जुट गया था। इसी के चलते स्कूल में ही शिविर लगाकर सबका टीकाकरण करवाया गया। टीका लगाने के बाद बच्चों के आराम करने की भी पूरी व्यवस्था की गई थी।
- अनामिका गुप्ता, समन्वयक, निटल हायर सेकेंडरी स्कूल उधमपुर
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जब कोरोना टीका लगाने की घोषणा की गई तो बच्चे व किशोर भी उत्साह के साथ कोरोना टीका लगाने के लिए सामने आए। ऐसा लगा कि बच्चे इसको लेकर पहले से ही जागरूक हैं। विद्यार्थियों को भी समझ आ गया था कि कोरोना से बचाव टीकाकरण से ही संभव है।
- अजय गुप्ता, प्रधानाचार्य, निटल हायर सेकेंडरी स्कूल उधमपुर

अनामिका गुप्ता--कोआर्डिनेटर निटल हायर सेकेंडरी स्कूल- फोटो : UDHAMPUR

अनिरुद्ध- फोटो : UDHAMPUR

रिजवान- फोटो : UDHAMPUR

इजाहत- फोटो : UDHAMPUR

साहिल- फोटो : UDHAMPUR