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Udhampur News: किशोर न्याय, देखभाल एवं संरक्षण पर तीन दिवसीय पाठ्यक्रम का समापन
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उधमपुर। शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में कोर्स के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में किशोर न्याय, देखभाल एवं संरक्षण पर आयोजित तीन दिवसीय पाठ्यक्रम शनिवार को संपन्न हुआ।
तीन दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कानूनी प्रावधानों, बाल-अनुकूल प्रक्रियाओं, किशोरों के पुनर्वास और पुनर्एकीकरण, तथा बाल संरक्षण सुनिश्चित करने में पुलिस एवं संबद्ध एजेंसियों की भूमिका पर सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों ने अंतर्क्रियात्मक व्याख्यान और केस स्टडी प्रस्तुत कीं।
वहीं समापन समारोह में अकादमी के सहायक निदेशक प्रशिक्षण/अनुसंधान एवं विकास एसपी आशीष गुप्ता मुख्य अतिथि थे। अपने संबोधन में, उन्होंने कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से निपटने वाले पुलिस अधिकारियों और अन्य हितधारकों के संवेदीकरण और क्षमता निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों को सहानुभूति, धैर्य और पेशेवर तरीके से संभालना चाहिए। वहीं प्रतिभागियों ने पुलिसिंग और सामाजिक उत्तरदायित्व के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।
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समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि ने पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
इस मौके पर मुख्य पुलिस अधिकारी राकेश संब्याल और निरीक्षक चंद्र मोहन भी मुख्य रूप से शामिल थे।
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उधमपुर। शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में किशोर न्याय, देखभाल एवं संरक्षण पर आयोजित तीन दिवसीय पाठ्यक्रम शनिवार को संपन्न हुआ।
तीन दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कानूनी प्रावधानों, बाल-अनुकूल प्रक्रियाओं, किशोरों के पुनर्वास और पुनर्एकीकरण, तथा बाल संरक्षण सुनिश्चित करने में पुलिस एवं संबद्ध एजेंसियों की भूमिका पर सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों ने अंतर्क्रियात्मक व्याख्यान और केस स्टडी प्रस्तुत कीं।
वहीं समापन समारोह में अकादमी के सहायक निदेशक प्रशिक्षण/अनुसंधान एवं विकास एसपी आशीष गुप्ता मुख्य अतिथि थे। अपने संबोधन में, उन्होंने कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से निपटने वाले पुलिस अधिकारियों और अन्य हितधारकों के संवेदीकरण और क्षमता निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों को सहानुभूति, धैर्य और पेशेवर तरीके से संभालना चाहिए। वहीं प्रतिभागियों ने पुलिसिंग और सामाजिक उत्तरदायित्व के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया।
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समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि ने पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
इस मौके पर मुख्य पुलिस अधिकारी राकेश संब्याल और निरीक्षक चंद्र मोहन भी मुख्य रूप से शामिल थे।