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राजमार्ग पर जाम ने बिगाड़ी दिनचर्या
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Tue, 23 Sep 2014 01:28 AM IST
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खैरी में पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लगे लंबे जाम ने उधमपुर शहरवासियों की दिनचर्या में भी खलल डाला। काफी बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए और कर्मचारी दफ्तर। ज्यादातर इलाकों में दूध की सप्लाई नहीं मिली या देर से मिली।
दरअसल, सोमवार की सुबह जब शहर के लोग जागे तो हाईवे पर वाहनों का जमावड़ा लगना शुरू हो चुका था। रविवार देर रात से हाईवे पर वाहनों की कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। सड़कों पर वाहनों के हार्न की चिल्ल-पों ने लोगों को और परेशान कर रखा। शहर में करीब दस किलोमीटर राजमार्ग जाम के कारण पूरी तरह से वाहनों से भर चुका था।
जाम के कारण विद्यार्थी समय पर स्कूल व कालेज नहीं पहुंच सके। सरकारी कर्मचारी अपने कार्यालयों तक समय पर नहीं पहुंच सके। घटों जब जाम नहीं खुला मजबूर होकर काफी संख्या में यात्री पैदल की अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए। जाम के कारण ही शहरवासियों के घरों में दूध की सप्लाई भी देरी से पहुंची।
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वहीं जानकारी मिलने पर ट्रैफिक पुलिस ने रात को ही जाम को खुलवाने के लिए प्रयास तेज कर दिए थे। लेकिन वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि जाम को खुलवाने में कामयाबी घंटों मशक्कत करने के बाद सुबह करीब साढ़े दस बजे मिली। जाम खुलने के बाद भी घंटों वाहन रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ सके। जाम की समस्या के कारण ही जम्मू, कटड़ा से यात्री वाहन करीब दो घंटे की देरी से उधमपुर पहुंचे। वहीं खैरी में पस्सी इतनी बड़ी थी कि ग्रेफ को घंटों मशक्कत करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे कामयाबी मिली।
पिछले दस दिनों में खैरी इलाके में पस्सियां गिरने से चार बार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुआ है। चारों बार पस्सी को हटाकर खोलने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी है। खैरी इलाके में पहाड़ी का एक हिस्सा लगातार मलबे के साथ राजमार्ग की तरफ गिर रहा है। हर बार हजारों टन मलबा बड़े बड़े पत्थरों के साथ राजमार्ग पर पहुंच कर परेशान कर रहा है।
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दरअसल, सोमवार की सुबह जब शहर के लोग जागे तो हाईवे पर वाहनों का जमावड़ा लगना शुरू हो चुका था। रविवार देर रात से हाईवे पर वाहनों की कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। सड़कों पर वाहनों के हार्न की चिल्ल-पों ने लोगों को और परेशान कर रखा। शहर में करीब दस किलोमीटर राजमार्ग जाम के कारण पूरी तरह से वाहनों से भर चुका था।
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जाम के कारण विद्यार्थी समय पर स्कूल व कालेज नहीं पहुंच सके। सरकारी कर्मचारी अपने कार्यालयों तक समय पर नहीं पहुंच सके। घटों जब जाम नहीं खुला मजबूर होकर काफी संख्या में यात्री पैदल की अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए। जाम के कारण ही शहरवासियों के घरों में दूध की सप्लाई भी देरी से पहुंची।
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वहीं जानकारी मिलने पर ट्रैफिक पुलिस ने रात को ही जाम को खुलवाने के लिए प्रयास तेज कर दिए थे। लेकिन वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि जाम को खुलवाने में कामयाबी घंटों मशक्कत करने के बाद सुबह करीब साढ़े दस बजे मिली। जाम खुलने के बाद भी घंटों वाहन रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ सके। जाम की समस्या के कारण ही जम्मू, कटड़ा से यात्री वाहन करीब दो घंटे की देरी से उधमपुर पहुंचे। वहीं खैरी में पस्सी इतनी बड़ी थी कि ग्रेफ को घंटों मशक्कत करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे कामयाबी मिली।
पिछले दस दिनों में खैरी इलाके में पस्सियां गिरने से चार बार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुआ है। चारों बार पस्सी को हटाकर खोलने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी है। खैरी इलाके में पहाड़ी का एक हिस्सा लगातार मलबे के साथ राजमार्ग की तरफ गिर रहा है। हर बार हजारों टन मलबा बड़े बड़े पत्थरों के साथ राजमार्ग पर पहुंच कर परेशान कर रहा है।