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उधमपुर: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी
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उधमपुर। एचआर पॉलिसी के विरोध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पार्षद प्रीति खजूरिया के नेतृत्व में आईसीडीएस कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की एचआर पॉलिसी उनके हित में नहीं है। इसने सभी आंगनबाड़ी सहायकों और कार्यकर्ताओं को लाचार बना दिया है। इस पॉलिसी के तहत उन्हें 60 साल की आयु होने पर बिना सेवानिवृत्ति के लाभ और पेंशन दिए जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है। जिंदगी के 30 से 40 साल तक बेहद कम मानदेय पर विभाग में सेवाएं देने के बाद अब उन्हें प्रताड़ित करके खाली हाथ निकाला जा रहा है, इसलिए उनकी मांग है कि उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्ति और पेंशन का लाभ दिया जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं डीएपी नेता एवं पार्षद प्रीति खजूरिया ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सरकार का यह बर्ताव बिल्कुल ठीक नहीं है। इन महिलाओं ने अपने जीवन के 30 से 40 साल तक सरकारी विभाग में सेवाएं दी हैं लेकिन अब सरकार ने इनके लिए बिना किसी सेवानिवृत्ति और पेंशन लाभ के एक ऑर्डर निकाल दिया है कि जिनकी उम्र 60 साल हो गई है, वे घर पर बैठकर आराम करें क्योंकि उनकी रिटायरमेंट हो गई है, जबकि इनमें से कइयों का कई-कई महीनों का बकाया वेतन तक नहीं दिया गया है। इसके अलावा पोषण के कैरिज शुल्क इन्हें नहीं मिलते हैं। फोन का बिल नहीं दिया जाता है, इसलिए सरकार से उनका सवाल है कि इन आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्कर्स का क्या कसूर है, जिन्होंने सरकार के हर कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से पूरा किया है और अभी भी कर रहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक तरफ सरकार कहती है कि हम महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रहे हैं और दूसरी तरफ इन महिलाओं को इतना लाचार कर दिया है कि ये सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई हैं।
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उन्होंने एलजी प्रशासन से अपील की कि इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनदेखी न की जाए और इनके कल्याण के लिए भी कोई पॉलिसी बनाए जाए। इस मौके पर उनके साथ सुषमा देवी, वीना देवी, ज्योति देवी, शीला देवी आदि के साथ सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं डीएपी नेता एवं पार्षद प्रीति खजूरिया ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सरकार का यह बर्ताव बिल्कुल ठीक नहीं है। इन महिलाओं ने अपने जीवन के 30 से 40 साल तक सरकारी विभाग में सेवाएं दी हैं लेकिन अब सरकार ने इनके लिए बिना किसी सेवानिवृत्ति और पेंशन लाभ के एक ऑर्डर निकाल दिया है कि जिनकी उम्र 60 साल हो गई है, वे घर पर बैठकर आराम करें क्योंकि उनकी रिटायरमेंट हो गई है, जबकि इनमें से कइयों का कई-कई महीनों का बकाया वेतन तक नहीं दिया गया है। इसके अलावा पोषण के कैरिज शुल्क इन्हें नहीं मिलते हैं। फोन का बिल नहीं दिया जाता है, इसलिए सरकार से उनका सवाल है कि इन आंगनबाड़ी हेल्पर और वर्कर्स का क्या कसूर है, जिन्होंने सरकार के हर कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से पूरा किया है और अभी भी कर रहीं हैं।
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उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक तरफ सरकार कहती है कि हम महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रहे हैं और दूसरी तरफ इन महिलाओं को इतना लाचार कर दिया है कि ये सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई हैं।
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उन्होंने एलजी प्रशासन से अपील की कि इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनदेखी न की जाए और इनके कल्याण के लिए भी कोई पॉलिसी बनाए जाए। इस मौके पर उनके साथ सुषमा देवी, वीना देवी, ज्योति देवी, शीला देवी आदि के साथ सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं।