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पस्सियां गिरने पर करीब ढाई घंटे बंद रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
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उधमपुर: घाटी की ओर जाते हुए ट्रक.
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर/रामबन। रामबन के मगरकोट में पस्सियां गिरने पर करीब ढाई घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। राजमार्ग के बंद होने पर रामबन में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। उधमपुर से भी वाहनों के घाटी की तरफ जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे राजमार्ग के खुलने पर वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया गया। हालांकि, रामबन के सेरी में पस्सियां गिरने पर राजमार्ग को फिर से बंद कर दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को भी वाहनों की आवाजाही एकतरफा रखी गई। सुबह से वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ चल रहे थे। पुलिस ने पहले सुबह के समय छोटे यात्री वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया, और 11 बजे के बाद ट्रकों को भी घाटी की तरफ जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वाहन घाटी की तरफ रवाना होते रहे। यातायात सुचारु था कि दोपहर करीब तीन बजे रामबन के मगरकोट में पस्सियां गिरना शुरू हो गई, और राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
इसके बाद राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगना शुरू हो गईं। जब इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी तुरंत राजमार्ग को खोलने में लग गई। इस दौरान उधमपुर से भी वाहनों के घाटी की तरफ जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। कड़ी मशक्कत करने के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे मलबा हटाकर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों तरफ फंसे वाहनों को रवाना किया। लेकिन, वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण बारी बारी से दोनों तरफ वाहनों को छोड़ा गया। इससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी। लेकिन, रात नौ बजे के आसपास रामबन के सेरी में फिर से पस्सियां गिरना शुरू हो गईं, और राजमार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को भी वाहनों की आवाजाही एकतरफा रखी गई। सुबह से वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ चल रहे थे। पुलिस ने पहले सुबह के समय छोटे यात्री वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया, और 11 बजे के बाद ट्रकों को भी घाटी की तरफ जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वाहन घाटी की तरफ रवाना होते रहे। यातायात सुचारु था कि दोपहर करीब तीन बजे रामबन के मगरकोट में पस्सियां गिरना शुरू हो गई, और राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
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इसके बाद राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगना शुरू हो गईं। जब इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनरी तुरंत राजमार्ग को खोलने में लग गई। इस दौरान उधमपुर से भी वाहनों के घाटी की तरफ जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। कड़ी मशक्कत करने के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे मलबा हटाकर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली।
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इसके बाद पुलिस ने दोनों तरफ फंसे वाहनों को रवाना किया। लेकिन, वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण बारी बारी से दोनों तरफ वाहनों को छोड़ा गया। इससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी। लेकिन, रात नौ बजे के आसपास रामबन के सेरी में फिर से पस्सियां गिरना शुरू हो गईं, और राजमार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया।