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सड़क का निर्माण करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
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उधमपुर। जिला मुख्यालय से करीब ढाई किलोमीटर शारदा गांव आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को पीएमजीएसवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि हर रोज शारदा माता मंदिर में पूजन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सबको मंदिर तक पैदल ही चलना पड़ता है। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जखैनी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग से शारदा गांव तक सड़क के निर्माण के लिए 2008 में मंजूरी मिली थी, और इसका काम भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन, बाद में इसे बंद कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 13 वर्ष बाद भी सड़क का काम दोबारा शुरू नहीं हो सका है। कई बार विभाग से संपर्क भी किया, लेकिन विभाग का कहना है कि वन विभाग की तरफ से एनओसी न दिए जाने के कारण वह काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। और, जब वन विभाग से संपर्क किया तो उनका कहना है इसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें राजस्व विभाग भी जमीन को लेकर अपना हक जता रहा है।
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उन्होंने बताया कि यह गांव शहर से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद उनको सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उनके गांव में प्राचीन शारदा माता का मंदिर है। इसमें हर रोज श्रद्धालु पूजन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, सड़क न होने के कारण श्रद्धालुओं को पैदल जाना पड़ता है। गांव में हालात ऐसे हैं कि आपात स्थिति में किसी बीमार को अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल होगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि हर रोज शारदा माता मंदिर में पूजन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सबको मंदिर तक पैदल ही चलना पड़ता है। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जखैनी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग से शारदा गांव तक सड़क के निर्माण के लिए 2008 में मंजूरी मिली थी, और इसका काम भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन, बाद में इसे बंद कर दिया गया।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 13 वर्ष बाद भी सड़क का काम दोबारा शुरू नहीं हो सका है। कई बार विभाग से संपर्क भी किया, लेकिन विभाग का कहना है कि वन विभाग की तरफ से एनओसी न दिए जाने के कारण वह काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। और, जब वन विभाग से संपर्क किया तो उनका कहना है इसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें राजस्व विभाग भी जमीन को लेकर अपना हक जता रहा है।
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उन्होंने बताया कि यह गांव शहर से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद उनको सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उनके गांव में प्राचीन शारदा माता का मंदिर है। इसमें हर रोज श्रद्धालु पूजन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, सड़क न होने के कारण श्रद्धालुओं को पैदल जाना पड़ता है। गांव में हालात ऐसे हैं कि आपात स्थिति में किसी बीमार को अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल होगा।