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भक्तों के लिए नहीं खुले प्राकृतिक गुफा के कपाट
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कटड़ा। कोरोना महामारी के चलते इस बार मकर संक्रांति पर भक्तों के लिए प्राकृतिक गुफा के कपाट नहीं खोले गए। यह निर्णय श्राइन बोर्ड ने कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रख कर लिया है। जानकारी के अनुसार आगामी दो महीनों तक प्राकृतिक गुफा के रास्ते दर्शनों का मौका नहीं मिल पाएगा।
गौरतलब है कि हर वर्ष मकर संक्रांति पर माता वैष्णो देवी की प्राकृतिक गुफा के कपाट खोल कर विशेष पूजा की जाती है। उसके उपरांत कुछ घंटों तक भक्तों को भी इस गुफा के रास्ते होते हुए प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन करने का मौका मिलता है। हालांकि, भक्तों की निकासी मानव निर्मित गुफा के रास्ते ही होती थी।
अक्सर जनवरी व फरवरी माह में यात्रा में गिरावट होने पर हर रोज कुछ घंटों के लिए प्राकृतिक गुफा के कपाट भक्तों के लिए खुलते रहे हैं। शुक्रवार को मकर संक्रांति के अवसर पर सामान्य दिनों की तरह ही अटका आरती में भक्त शामिल हुए। लेकिन, जब प्राकृतिक गुफा के कपाट नहीं खुले तो उन्हें निराशा हुई। वहीं, बोर्ड के करीबी सूत्रों ने बताया कि आगामी दो महीने तक भक्तों को प्राकृतिक गुफा के रास्ते दर्शनों का मौका नहीं मिलेगा।
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गौरतलब है कि हर वर्ष मकर संक्रांति पर माता वैष्णो देवी की प्राकृतिक गुफा के कपाट खोल कर विशेष पूजा की जाती है। उसके उपरांत कुछ घंटों तक भक्तों को भी इस गुफा के रास्ते होते हुए प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन करने का मौका मिलता है। हालांकि, भक्तों की निकासी मानव निर्मित गुफा के रास्ते ही होती थी।
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अक्सर जनवरी व फरवरी माह में यात्रा में गिरावट होने पर हर रोज कुछ घंटों के लिए प्राकृतिक गुफा के कपाट भक्तों के लिए खुलते रहे हैं। शुक्रवार को मकर संक्रांति के अवसर पर सामान्य दिनों की तरह ही अटका आरती में भक्त शामिल हुए। लेकिन, जब प्राकृतिक गुफा के कपाट नहीं खुले तो उन्हें निराशा हुई। वहीं, बोर्ड के करीबी सूत्रों ने बताया कि आगामी दो महीने तक भक्तों को प्राकृतिक गुफा के रास्ते दर्शनों का मौका नहीं मिलेगा।
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